भारत में पर्सनल लोन की प्रोसेसिंग के 4 चरण

पर्सनल लोन से पाएं तुरंत फंडिंग: कई बार ऐसी स्थितियां आ जाती हैं, जब आपकी सेविंग्स जरूरतों को पूरा नहीं कर पातीं. अगर वे ऐसा करने में सक्षम भी हैं, तब भी एक बार में अपनी सारी सेविंग्स खर्च कर देना समझदारी बिल्कुल नहीं है. एकबार में अपनी पूरी सेविंग्स खर्च कर देने से भविष्य में आपके लिए वित्तीय समस्याएं खड़ी हो सकती हैं, क्योंकि आपके पास कोई फाइनेंशियल सिक्योरिटी नहीं बचेगी.

तो ऐसी स्थिति में क्या किया जाए, जब मासिक खर्चे के अतिरिक्त आपको पैसे चाहिए हों?

इस स्थिति में उधार लेना ही एकमात्र विकल्प बचता है. चूंकि हमारे पास पर्याप्त फंड नहीं हैं और दूसरी ओर हम अपनी सेविंग्स को भी हाथ लगाना नहीं चाहते. लेकिन, अगर आप वित्तीय समस्या से जूझ भी रहे हैं, तब भी आपको चीजों के बदलने का इंतजार करना चाहिए.

चूंकि उधार लेना ही एकमात्र विकल्प है. इसलिए ऐसा कर्जदाता चुनना चाहिए, जो सही प्रकार का लोन दे और जिसके नियम व शर्तें आसान हों. भारत में पर्सनल लोन ऐसा ही वित्तीय उत्पाद है, जहां आपको फंड मिलता है, वो भी बिना कोई चीज गिरवी रखे. इनकी ब्याज दरें भी किफायती होती हैं.

पर्सनल लोन

फाइनेंस सेक्टर में टेक्नोलॉजी में तेजी आने के बाद आप पहले के मुकाबले और तेजी से पर्सनल लोन हासिल कर सकते हैं. आप कर्जदाता की वेबसाइट पर जाकर पर्सनल लोन अप्लाई कर सकते हैं. लोन अप्लाई करने के लिए आपको बस जरूरी जानकारी के साथ ऑनलाइन एप्लिकेशन फॉर्म भरना है. आगे की प्रोसेसिंग फास्ट है और आपको कुछ ही घंटों में लोन ई-अप्रूव होकर मिल जाएगा.

लेकिन भारत में पर्सनल लोन की प्रोसेसिंग की 4 स्टेज हैं, जिस पर आज हम यहां बात करेंगे.

पर्सनल लोन एप्लिकेशन

पर्सनल लोन प्रोसेसिंग को शुरू करने के लिए आपको एप्लिकेशन फॉर्म भरना होगा. कर्जदाताओं के ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर आपको एप्लिकेशन फॉर्म आसानी से मिल जाएगा. यह फॉर्म पूरी तरह और सही जानकारियों के साथ भरा होना चाहिए. फॉर्म के पहले भाग में आपसे निजी जानकारियां जैसे नाम, पता, उम्र और जिस कंपनी में आप काम करते हैं, मोबाइल नंबर व ई-मेल मांगा जाएगा.

दस्तावेज जमा करना

जैसे ही कर्जदाता को आपकी एप्लिकेशन मिलेगी, वह आगे की प्रक्रिया में आपसे केवाईसी दस्तावेज जमा करने को कहेगा. आमतौर पर कर्जदाता को केवाईसी दस्तावेज इसलिए चाहिए होते हैं, ताकि वह आवेदक का नाम, पता, आय देख सके.

किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी:

पहचान के दस्तावेज-:
– पैन कार्ड
– 2 पासपोर्ट साइज फोटो
– आधार कार्ड
– वोटर आईडी

अड्रेस प्रूफ के दस्तावेज:-
– पासपोर्ट
– रजिस्टर्ड रेंट अग्रीमेंट

आय के लिए दस्तावेज:-
– लेटेस्ट सैलरी स्लिप
– 3 महीने का बैंक स्टेटमेंट
– फॉर्म 16 के साथ आईटीआर रिटर्न्स

पर्सनल लोन के लिए दस्तावेजों का वेरिफिकेशन

पर्सनल लोन की वेरिफिकेशन की प्रक्रिया तब शुरू होती है, जब कर्जदाता को सारे दस्तावेज मिल जाते हैं. आपके जमा किए दस्तावेजों के मुताबिक, कर्जदाता सबसे पहले आपका क्रेडिट स्कोर चेक करता है. अगर क्रेडिट स्कोर अच्छा है तो वह दस्तावेजों को वेरिफाई करेगा. वेरिफिकेशन के प्राइमरी पॉइंट्स हैं- आपकी पहचान और अड्रेस, जो आपने एप्लिकेशन फॉर्म में लिखा है.

दूसरी ओर, कर्जदाता आपकी आय और नौकरी के बारे में कंपनी और बैंक की जानकारियों से वेरिफिकेशन करेगा.

पैन कार्ड, आधार कार्ड और पासपोर्ट जैसे दस्तावेजों की वेरिफिकेशन तो ऑनलाइन हो जाती है, जिससे यह पूरी प्रक्रिया तेज हो जाती है.

जब कर्जदाता को लगता है कि दस्तावेज असली हैं और आप एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया पर खरे उतरते हैं तो वह आपको ई-अप्रूवल का संदेश या ईमेल भेजेगा.

लोन वितरण

यह पर्सनल लोन वेरिफिकेशन की प्रक्रिया का अंतिम चरण है. इस चरण में कर्जदाता आपका लोन अग्रीमेंट तैयार करता है. इसमें लोन के नियम व शर्तों के अलावा ब्याज और अवधि लिखी होती है. अगर आप इनसे सहमत हैं और अंतिम वितरण चाहते हैं, तो आपको दस्तावेजों पर ई-दस्तखत कर उन्हें कर्जदाता को भेजना होगा. इस प्रक्रिया के पूरे होने के बाद, लोन की राशि कुछ ही मिनटों में आपके अकाउंट में आ जाएगी.

लेकिन फिर भी हमारी सलाह है कि आप अग्रीमेंट पर साइन करने से पहले आपको सभी नियम व शर्तें पढ़ लेनी चाहिए. इसे हल्के में लेने की भूल न करें, वरना भविष्य में दिक्कतें हो सकती हैं. पर्सनल लोन की प्रोसेसिंग काफी आसान है और एक या दो दिन में पूरी राशि अकाउंट में आ जाती है.

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