मेट्रो शहरों में पर्सनल लोन अप्लाई करते वक्त ध्यान रखें ये 5 टिप्स

मेट्रो शहरों में पर्सनल लोन

रोजगार, बेहतर जिंदगी और शिक्षा की तलाश में हर साल काफी लोग गांवों या छोटे शहरों से मेट्रो शहरों का रुख करते हैं. कई मल्टी नेशनल कंपनियों के अलावा बड़े कॉरपोरेट घरानों के दफ्तर और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट मेट्रो शहरों में हैं. हालांकि दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे मेट्रो शहरों में रहने की लागत ज्यादा होती है. इसलिए जाहिर है कि मेट्रो शहरों में रहने वाले लोगों के पास पैसों की कमी हो ही जाती है. लेकिन अनुभवी और काबिल प्रोफेशनल्स होते हुए भी टियर-3 और टियर-6 जैसे शहरों की तुलना में मेट्रो शहरों में पर्सनल लोन के लिए अप्लाई करना ज्यादा आसान होता है.

चूंकि कई वित्तीय संस्थाओं की मेट्रो शहरों में मजबूत उपस्थिति होती है, जिससे लोगों को आसानी से पर्सनल लोन मिल जाता है. लेकिन पर्सनल लोन के लिए अप्लाई करने से पहले आपको पर्सनल लोन एप्लिकेशन के  बारे में अच्छी-खासी जानकारी होनी चाहिए. इसलिए आपकी मदद के लिए हम आपको नीचे कुछ टिप्स बता रहे हैं, जो आपको मेट्रो शहरों में पर्सनल लोन हासिल करने में मदद करेंगे.

जो चाहते हैं, वो जानें

पर्सनल लोन के लिए अप्लाई करने से पहले हमेशा चेक करें कि विभिन्न कर्जदाता आपको किस ब्याज दर पर लोन दे रहे हैं. आपको बिल्कुल स्पष्ट होना पड़ेगा कि आप किस प्रकार का लोन तलाश रहे हैं, किन शर्तों को आप निभा पाएंगे और लोन को पूरी तरह वापस करने में कितना वक्त लगेगा.

अच्छी क्रेडिट हिस्ट्री बनाएं

सबसे अहम चीजों में से एक है अच्छी क्रेडिट हिस्ट्री. अच्छी क्रेडिट हिस्ट्री होने से आपको पर्सनल लोन मिलने में आसानी होगी और लोन चुकाने में यह आपकी जिम्मेदारी का सबूत होगा.

सही जानकारी मुहैया कराएं

लोन एप्लिकेशन लोन जमा करने के बाद आपने जो भी जानकारियां दी हैं, बैंक उन्हें वेरिफाई करेगा. लोन एप्लिकेशन प्रोसेस के दौरान बैंक आपको फोन करेगा, जिस संस्थान में आप काम करते हैं, वहां से जानकारी लेगा या फिर कोई भी ऐसा शख्स, जिससे वह यह कन्फर्म कर सकें कि जानकारी सही है या नहीं. अगर आपकी दी हुई जानकारी सही नहीं पाई जाती तो बैंक आपकी एप्लिकेशन रिजेक्ट कर देगा.

क्या दो बैंकों से एक ही समय लोन लेना मुमकिन है, जानिए

अपनी सीमाएं जानें

आपको क्रेडिट हिस्ट्री और मौजूदा स्कोर के बारे में मालूम होना चाहिए. जब भी आप पर्सनल लोन के लिए अप्लाई करने की योजना बनाएं तो अपनी वित्तीय सीमाओं का ध्यान रखें और ऐसी लोन राशि के लिए अप्लाई करें, जिसे आपको चुकाने में दिक्कत न हो.

सभी पेनाल्टी और लागतों के बारे में मालूम करें

*पर्सनल लोन अप्लाई करने से पहले आपको उससे जुड़ी लागत और शुल्क के बारे में मालूम होना चाहिए.

*हैंडलिंग फीस: यह कर्जदाता पर निर्भर करती है, प्रोसेसिंग चार्जेज आमतौर पर ऊपर-नीचे होते रहते हैं और यह मूल लोन राशि का 1-3 प्रतिशत होती है.

*प्री-पेमेंट/फोरक्लोजर चार्जेज: अगर आप एडवांस में थोड़ा या अवधि खत्म होने से पहले पूरा ही लोन चुका देना चाहते हैं तो कर्जदाता आपसे भारी शुल्क वसूल सकता है.

*लेट पेमेंट पेनाल्टी: अगर आप वक्त पर ईएमआई का भुगतान नहीं करते तो आपको पेनाल्टी भी चुकानी पड़ेगी.

ब्याज दरों के ढांचे के आधार पर पर्सनल लोन के लिए कैसे चुनें कर्जदाता

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*