कोरोना वायरस महामारी के बीच बैंकों ने लॉन्च किया इमरजेंसी क्रेडिट लाइन

कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए सरकारी बैंक जैसे बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक और इंडियन बैंक ने मौजूदा MSME ग्राहकों और स्वयं सहायता समूह के सदस्यों के लिए इमरजेंसी लोन्स जैसे पर्सनल लोन और लाइन ऑफ क्रेडिट का ऐलान किया है. वित्त मंत्रालय से विचार-विमर्श करने के बाद ये फैसला लिया गया है. उम्मीद है कि अन्य बैंक भी जल्द ही इस रास्ते पर चलकर इमरजेंसी लोन्स की घोषणा करेंगे.

इसके अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों जैसे केनरा बैंक, यूको बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक ने ग्राहकों के लिए इमरजेंसी लाइन ऑफ क्रेडिट का ऐलान किया है. इंडिया बैंक की मैनेजिंग डायरेक्टर पद्मजा चुंदरू ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, इस मुश्किल वक्त में बैंक अपने ग्राहकों के साथ खड़ा है. इकोनॉमी के विभिन्न सेक्टर्स जिस मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं उसके लिए हमने कुछ प्रॉडक्ट्स लॉन्च किए हैं, ताकि रिटेल कस्टमर्स और बिजनेस में तुरंत कैश की जरूरत का ख्याल रखा जा सके.

यूनियन बैंक ने भी कहा, ‘हम कैश की कमी को देखते हुए ग्राहकों को अतिरिक्त क्रेडिट की सुविधा दे रहे हैं, जिसमें वर्किंग कैपिटल लिमिट का 10 प्रतिशत मुहैया कराया जाएगा. पुनर्भुगतान के लिए बैंक कम ब्याज दरों पर 12 महीने का समय दे रहे हैं.’

सार्वजनिक क्षेत्र के सरकारी बैंकों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) पहला ऐसा बैंक था, जिसने इमरजेंसी क्रेडिट लाइन का ऐलान किया था. बैंक ने एक सर्कुलर जारी कर ऐलान किया कि वह कोविड-19 इमरजेंसी क्रेडिट लाइन (CECL) के नाम से अतिरिक्त कैश की सुविधा मुहैया कराएगा. इसमें 200 करोड़ तक का फंड मुहैया कराया जाएगा, जिसका फायदा जून के अंत तक लिया जा सकता है. बैंक 7.25 प्रतिशत की ब्याज तक से 12 महीनों के लिए लोन देगा. यह एक शानदार पहल है, जिसे अपनाने की उम्मीद अन्य बैंकों से भी की जा रही थी. और जिसकी उम्मीद थी वो हो गया और कई बैंकों ने ये ऑफर दिया है.

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