हमेशा पर्सनल लोन लेने के काबिल बने रहना चाहते हैं, जानिए क्या हैं तरीके

हमारी जिंदगी में पैसा एक बेहद अहम चीज है. पैसा हमारे सपनों को हकीकत में बदल सकता है लेकिन कई मौकों पर जिस चीज की समस्या हम सभी को होती है, वो है पैसों की कमी. लेकिन पैसों की कमी कई अवसरों पर हानिकारक हो सकती है, लेकिन किसी को यह याद रखना चाहिए कि ऐसे कई तरीके हैं जिनके जरिए असलियत और सपनों के बीच की खाई को पाटा जा सकता है. पर्सनल लोन का फायदा उठाकर भी पैसों की कमी को पूरा किया जा सकता है. ऐसे कुछ मानदंड हैं जो आपकी लोन लेने की क्षमता को तय करते हैं. हर इंसान, जिसे पर्सनल लोन की जरूरत होती है, वह लोन  हासिल करने की स्थिति में नहीं हो सकता है.

सभी तरह के लोन  के बीच पर्सनल लोन ग्राहकों में काफी पॉपुलर है. पर्सनल लोन किसी की भी पैसों की कमी को पूरा करने में मदद कर सकता है, जो उन्हें घर या कार खरीदते समय, अपने बच्चों की हायर एजुकेशन के लिए और यहां तक कि मेडिकल इमरजेंसी के दौरान हो सकती है. ग्राहकों को पर्सनल लोन इसलिए पसंद आता है क्योंकि यह असुरक्षित है. इसे लेने के एवज में आपको किसी तरह की गारंटी नहीं रखनी पड़ती.

पर्सनल लोन लेने के फायदे

इसके इस्तेमाल पर कोई सीमा नहीं: पर्सनल लोन के लिए जो पैसा लिया जाता है उसका इस्तेमाल आप किसी भी काम के लिए कर सकते हैं. उसके इस्तेमाल पर कोई निश्चित प्रतिबंध या सीमा नहीं है. आप इसे हायर एजुकेशन, शादी के खर्चे, होम रेनोवेशन, मेडिकल केयर या फिर पार्टी करने के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं. मार्केट में उपलब्ध अन्य लोन की तरह इसमें कोई सीमा नहीं है.

इक्विटी शेयरिंग की जरूरत नहीं: अगर आप इसके जरिए कोई महंगी चीज भी खरीदते हैं तो आपको इक्विटी शेयर करने की जरूरत नहीं है.

गारंटी की जरूरत नहीं: पर्सनल लोन की प्रकृति असुरक्षित होती है. लिहाजा इसके लिए आपको कोई गारंटर या गारंटी नहीं रखनी पड़ती.

तेज अप्रूवल: चूंकि पर्सनल लोन असुरक्षित होता है इसलिए अन्य लोन के मुकाबले दस्तावेज कम लगते हैं. इससे प्रोसेस तेज हो जाती है. दस्तावेजों की तेज प्रक्रिया के कारण लोन का अप्रूवल और वितरण तेज हो जाता है.

ऑनलाइन पर्सनल लोन की उपलब्धता: टेक्नोलॉजी में प्रोग्रेस के कारण पर्सनल लोन अब ऑनलाइन उपलब्ध हैं. सिर्फ कुछ क्लिक्स से ही आप पर्सनल लोन हासिल कर सकते हैं. ऑनलाइन उपलब्धता ने लोन की प्रोसेसिंग को और तेज कर दिया है, जिससे आप कुछ ही मिनटों में लोन हासिल कर सकते हैं.

पर्सनल लोन के इन फायदों का लाभ ग्राहक तभी उठा पाएगा, जब वो लोन के काबिल हो. आइए आपको बताते हैं कि आप हमेशा लोन लेने के काबिल कैसे बने रह सकते हैं.

पर्सनल लोन लेने की एलिजिबिलिटी

हर बैंक की पर्सनल लोन देने की योग्यता अलग-अलग होती है. इनमें से कुछ आम क्राइटेरिया आवेदक की उम्र, पेशा, आय और लोन वापस चुकाना होता है.

आय: पर्सनल लोन लेने के लिए आपके पास नियमित आय होनी चाहिए. मासिक आय की न्यूनतम राशि हर बैंक की अलग-अलग होती है. साथ ही इनकम की राशि नौकरीपेशा, खुद के रोजगार और प्रोफेशनल्स के लिए अलग-अलग होती हैं. कोई शख्स किस कंपनी के साथ काम करता है, यह भी उसकी एलिजिबिलिटी पर असर डालता है.

उम्र: उम्रदराज शख्स की तुलना में युवाओं को लोन लेने में कर्जदाता ज्यादा दिलचस्पी दिखाते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि कर्जदाता मानते हैं कि युवाओं की लोन चुकाने की क्षमता बेहतर होती है. एलिजिबिलिटी के नियमों से देखें तो पर्सनल लोन आप 21 साल से 60 साल की उम्र तक ले सकते हैं. लेकिन यह भी हर कर्जदाता का अलग-अलग हो सकता है.

क्रेडिट स्कोर: लोन एप्लिकेशन अप्रूव होने से पहले कर्जदाता CIBIL या अन्य क्रेडिट ब्यूरोज से आवेदक का क्रेडिट स्कोर मांगते हैं. 750 या उससे ज्यादा का क्रेडिट स्कोर यह बताता है कि आवेदक काफी विश्वसनीय है. अधिकतर कर्जदाताओं को यह यकीन होता है कि ज्यादा क्रेडिट स्कोर वाले ग्राहकों में डिफॉल्ट के चांस कम होते हैं. वहीं दूसरी ओर जिन लोगों का क्रेडिट स्कोर कम होता है उन्हें पर्सनल लोन हासिल करने में काफी दिक्कतें होती हैं क्योंकि कम क्रेडिट स्कोर वालों को लोन देना कर्जदाताओं के लिए जोखिम साबित हो सकता है. लेकिन भारत में काम करने वाले सभी तीन क्रेडिट ब्यूरो से अपने क्रेडिट स्कोर की जांच करना और पर्सनल लोन के लिए आवेदन करने के लिए सबसे ज्यादा वाले का इस्तेमाल करना सार्थक है.

प्रोफेशनल लाइफ में न हो दाग

कर्जदाता किसी शख्स की विश्वसनीयता उसकी प्रोफेशनल लाइफ से चेक करते हैं. हर कर्जदाता लोन की चुकौती में सुरक्षित डील चाहता है. अगर ग्राहक नौकरी करता है तो विश्वसनीयता चेक करने के लिए कर्जदाता आवेदक की एम्पलॉयमेंट हिस्ट्री चेक करता है. अगर खुद का रोजगार है तो लोन की पुनर्भुगतान क्षमता को नापने के लिए बिजनेस की स्थिरता की जांच की जाती है.

आय से कर्ज का अनुपात

कर्जदाता हमेशा यही चाहता है कि लोन के डिफॉल्ट का रिस्क कम से कम हो. लिहाजा वे ग्राहक के आय से कर्ज का अनुपात देखते हैं. अगर ग्राहक का पिछला कोई कर्ज चल रहा है तो पिछली ईएमआई मासिक आय से 50 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. अगर वह उससे ज्यादा है तो लोन मिलना मुश्किल हो जाएगा.

हालांकि पर्सनल लोन लेने के कई फायदे भी हैं और हर वक्त उसके योग्य बने रहना भी अच्छा है. पर्सनल लोन लेते वक्त गाहक को कई चीजों को ध्यान में रखना चाहिए, जो हैं प्रोसेसिंग चार्जेज और ब्याज दर. यह सलाह दी जाती है कि अपनी जरूरत और लोन चुकौती की क्षमता को देखते हुए ही कर्ज लें.

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