क्या हैं होम लोन लेने के फायदे, समझिए

हाल ही के वर्षों में होम लोन लेने वालों की संख्या में काफी तेजी आई है. ये बढ़ोतरी कई कारणों की बदौलत है. इसमें से टॉप पर है होम लोन. बैंकों की ओर से ग्राहकों के लिए लाई गईं कई शानदार योजनाओं के कारण होम लोन लेने वालों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है.

कई ऐसे कस्टमर फ्रेंडली होम लोन योजनाएं हैं, जिनका एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया बहुत आसान है, महिलाओं के लिए ब्याज दरें कम हैं. साथ ही पोजेशन तक कोई ईएमआई नहीं और ऑफर पीरियड में कई डिस्काउंट्स इसमें शामिल हैं. आइए अब होम लोन लेने के फायदों पर मौजूदा कानूनों के तहत चर्चा करते हैं, जिन्होंने ग्राहकों के लिए इस विकल्प को पॉपुलर बनाया है.

क्या हैं होम लोन लेने के फायदे

आपको एक संपत्ति मिलती है

घर खरीदना कोई आसान काम नहीं है. यह आपकी जिंदगी की सबसे बड़ी वित्तीय प्रतिबद्धता है. आपको ईएमआई चुकानी पड़ती हैं, जो आपकी जेब पर बहुत भारी पड़ती हैं. लेकिन इन सबसे इतर खुशी की बात यह है कि आपको अपना खुद का घर मिल जाता है, एक संपत्ति मिलती है जो कुछ हासिल करने का सुकून देती है. घर खरीदने को एक निवेश के तौर पर देखा जाता है, जो आपके भविष्य को सुरक्षित बना सकता है.

 

कम ब्याज दर

होम लोन सुरक्षित लोन होते हैं, जिनकी असुरक्षित लोन की तुलना में ब्याज दर कम होती है. होम लोन की अवधि अधिकतम 30 वर्ष और न्यूनतम 10 वर्ष तक जा सकती है. ब्याज दरें ऊपर-नीचे जा सकती हैं लेकिन यह असुरक्षित लोन की तरह बहुत ज्यादा नहीं होंगी. आमतौर पर, होम लोन की ब्याज दर 7.35-8.50 प्रतिशत तक होती हैं. लिहाजा इस तरह आप सुनिश्चित कर सकते हैं कि होम लोन लेने से आप अच्छी डील कर रहे हैं.

 

ब्याज पुनर्भुगतान पर टैक्स छूट

होम लोन खरीदने का एक फायदा यह भी है कि इसके साथ आपको टैक्स में छूट भी मिलती है. आयकर अधिनियम के सेक्शन 24 (बी) के तहत आप प्रॉपर्टी खरीदने या निर्माण के एक साल बाद होम लोन पर चुकाए गए कुल ब्याज पर 1.5 लाख रुपये तक की छूट पा सकते हैं. अधिग्रहण से पहले या निर्माण के बाद की अवधि के लिए लिए गए होम लोन पर दिया गया ब्याज पांच बराबर सालाना किश्तों में चुकाया जाता है. यह उस वर्ष से शुरू होगा, जिसमें घर का अधिग्रहण या फिर निर्माण किया गया है.

 

मूल पुनर्भुगतान पर टैक्स छूट

इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 80सी और 80सीसीई के तहत होम लोन पर एक लाख रुपये तक के मूल (प्रिंसिपल) पुनर्भुगतान पर हर वित्त वर्ष में आपको 1 लाख रुपये तक की छूट मिलेगी. कटौती कुल आय से होगी, जो निर्धारित शर्तों को पूरा करने के तहत की जाएगी.

 

दूसरे घर पर टैक्स छूट

अगर आप दूसरा घर खरीद रहे हैं तब भी आप होम लोन की राशि पर चुकाए गए ब्याज पर टैक्स छूट हासिल कर सकते हैं. आयकर अधिनियम के सेक्शन 24 के तहत यह छूट मुमकिन है.

 

कोई प्री-पेमेंट पेनाल्टी नहीं

अगर कोई ग्राहक लोन समय से पहले ही चुका देता है तो कर्जदाता प्रीपेमेंट चार्जेज भी लगाते हैं. लेकिन होम लोन के मामले में एक लॉक-इन पीरियड होता है, जो हर कर्जदाता का अलग-अलग होता है. अगर लॉक इन पीरियड के बाद आप होम लोन की पेमेंट करते हैं तो कोई चार्ज नहीं लगता. इसके अलावा होम लोन के फ्लोटिंग रेट पर भी कोई प्री-पेमेंट चार्ज नहीं लगता. इसलिए अगर ग्राहक के पास ज्यादा पैसा हो जाए तो वह अपना वित्तीय बोझ कम करने के लिए होम लोन की राशि को समय से पहले ही पूरा चुका सकता है.

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यूं तो होम लोन के कई फायदे होते हैं लेकिन यह बहुत बड़ा वित्तीय फैसला होता है और आपको बड़ी सावधानी से कोई निर्णय लेना होता है. याद रखें कि आपको अपनी क्षमता के मुताबिक ही लोन लेना है और कोई ईएमआई मिस नहीं करनी है. किसी एक होम लोन देने वाले को चुनने से पहले बाजार में मौजूद अन्य विकल्पों से उसकी तुलना कर लें.

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