होम इंश्योरेंस और होम लोन इंश्योरेंस में क्या है फर्क, जानें

Understanding the Difference Between Home Insurance and Home Loan Insurance

जिंदगी के दुर्भाग्यपूर्ण मौकों पर इंश्योंरेस हमें सुरक्षा देता है. आपके पास होम और होम लोन्स को लेकर इंश्योरेंस पॉलिसी जरूर होनी चाहिए. दोनों ही होम लोन और होम इंश्योरेंस लोन आपके घर से जुड़े हैं लेकिन इन दोनों के ही फायदे और फीचर्स अलग-अलग हैं. कई बार, इंश्योरेंस खरीदार इन दोनों प्रोडक्ट्स को लेकर कन्फ्यूज हो जाते हैं. लेकिन इंश्योरेंस कवर प्रॉपर्टी के विभिन्न तरीके के जोखिमों को कम करते हैं. इस आर्टिकल में हम दोनों ही उत्पादों की तुलना करेंगे, जिससे आपको समझने में आसानी हो.

क्या होता है होम इंश्योरेंस?

होम इंश्योरेंस आपके घर और उसके सामानों को किसी भी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति को लेकर कवर देता है. अगर आपके घर या उसके सामानों में किसी भी प्रकार का नुकसान होता है तो इंश्योरेंस आपको प्रोटेक्शन देता है. लेकिन कवरेज की शर्तें निर्भर करती हैं कि आपने किस तरह का इंश्योरेंस खरीदा है. लेकिन अधिकतर इंश्योरेंस पॉलिसियां ओलावृष्टि, गरज, आग और चोरी जैसे संकटों को कवर करती हैं. अगर कोई शख्स घर मालिक की संपत्ति में घायल हो जाता है तो कुछ होम इंश्योरेंस कंपनियां उस स्थिति में भी प्रोटेक्शन देती हैं. होम लोन इंश्योरेंस मेंटेनेंस की लागत जैसे क्षतिग्रस्त हिस्सों की रिप्लेसिंग, वॉल फिक्सचर्स, गैरेज, आउटबिल्डिंग इत्यादि को भी कवर करते हैं.

क्या है होम लोन इंश्योरेंस?

एक होम लोन इंश्योरेंस होम लोन पर खरीदार को प्रोटेक्शन देता है, जिसे खरीदार ने कोई खास घर खरीदने के लिए लिया है. होम लोन इंश्योरेंस को होम लोन प्रोटेक्शन प्लान (HLPP) भी कहा जाता है. इस इंश्योरेंस पॉलिसी के तहत, लोन देने वाले की मौत या लोन चुकाने के लिए इंश्योरेंस प्रोवाइडर विकलांगता की स्थिति में होम लोन की बकाया राशि का निपटान करने का वादा करता है. पॉलिसी की अवधि आमतौर पर लोन के कार्यकाल के रूप में लंबी होती है, लेकिन एक शख्स कम अवधि का भी विकल्प चुन सकता है.

एक होम लोन इंश्योरेंस बीमा धारकों को यह भरोसा देता है कि उसके व उसके परिवार को होम लोन का भुगतान नहीं करने की स्थिति में घर खाली नहीं करना पड़ेगा. अगर ऐसी स्थितियां पैदा होती हैं, तो बीमा कंपनी बकाया लोन राशि का भुगतान करेगी और प्रॉपर्टी को होम लोन ग्राहक के कानूनी उत्तराधिकारियों को ट्रांसफर कर दिया जाएगा.

होम इंश्योरेंस और होम लोन इंश्योरेंस में फर्क

भले ही दोनों बोलने में एक जैसे लगें लेकिन मकसद बिल्कुल अलग होता है. होम इंश्योरेंस सभी नुकसानों से घर को बचाता है. होम लोन इंश्योरेंस प्लान को होमओनर इंश्योरेंस भी कहा जाता है, जो होम और उसके सामानों को कवर करता है. लेकिन अगर आप अपने होम लोन में डिफॉल्ट करते हैं और कर्जदाता आपका घर जब्त कर लेता है तो होम इंश्योरेंस के तहत आपको सुरक्षा नहीं मिलेगी.

दूसरी ओर, होम लोन इंश्योरेंस लोन की गैर-चुकौती ईएमआई के खिलाफ होम लोन की उधार राशि के लिए कवर मुहैया कराता है.

इसका मतलब है कि होम लोन इंश्योरेंस होम लोन के लिए एक्सक्लूसिव इंश्योरेंस प्लान है. होम लोन और होम कंस्ट्रक्शन लोन के बीच एक बड़ा फर्क यह भी है कि होम इंश्योरेंस लोन की दरें होम लोन इंश्योरेंस पॉलिसी की तुलना में कम होती है.

होम इंश्योरेंस या होम लोन इंश्योरेंस? कौन सा बेहतर है?

होम इंश्योरेंस और होम लोन इंश्योरेंस उस शख्स के लिए बेहद जरूरी हैं, जिसके पास घर और होम लोन है. होम इंश्योरेंस की कीमत होम लोन इंश्योरेंस की कीमत की तुलना में कम होती है. होम लोन इंश्योरेंस तब जरूरत बन जाती है जब आपकी आय स्थिर न हो. ऐसे मामलों में, होम लोन इंश्योरेंस जरूर लेना चाहिए ताकि ग्राहक की लोन चुकाने की विकलांगता कवर हो जाए.

अधिकतर कर्जदाता ग्राहकों से लोन प्रोटेक्शन पॉलिसी खरीदने को कहते हैं क्योंकि ये होम लोन को कम जोखिमपूर्ण बनाता है. अगर ग्राहक होम लोन प्रोटेक्शन प्लास पूरी अवधि के लिए लेता है तो एनपीए के चांस शून्य हो जाते हैं. इस तरह आपको लोन की ज्यादा राशि मिल जाती है.

इस तरह से, होम इंश्योरेंस भी उतनी ही जरूरी है. यह आपको कई अभूतपूर्व घटनाओं से चिंतित होने से बचाता है जो आपके घर में घटित हो सकती हैं. लिहाजा दोनों ही इंश्योरेंस समान रूप से जरूरी हैं और आपको दोनों को ही चुनना चाहिए.

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