प्रॉपर्टी को गिरवी रखकर लोन लेने के ये हैं फायदे, क्यों इसे लेना चाहिए?

प्रॉपर्टी के एवज में लोन

जिंदगी में मुश्किलें कभी भी बिना बुलाए मेहमान की तरह आ सकती हैं, जिससे हमारी वित्तीय प्लानिंग धरी की धरी रह जाती है. हम में से कई लोग आपातकालीन स्थितियों के लिए अच्छी तरह प्लानिंग करते हैं और फंडस बनाते हैं. लेकिन क्या ये सभी स्थितियों के लिए काफी है? हमारी सेविंग्स आपातकालीन स्थितियों में हमारी मदद करती हैं. लेकिन कुछ लोगों के पास उस वक्त इतना फंड नहीं होता. ऐसी स्थिति में विकल्प बहुत सीमित हो जाते हैं- आप या तो अपने परिवार या दोस्तों से पैसे उधार मांगते हैं या फिर बैंक से लोन लेते हैं. दोनों ही मामलों में यह अनिश्चित होता है कि जितनी राशि आप चाहते हैं, वो आपको मिल जाए. लेकिन अगर दोस्त या परिवार आपकी मदद करने से मना कर दें या फिर बैंक भी आपकी कम एलिजिबिलिटी को देखते हुए लोन देने से मना कर दे तब आप क्या करेंगे? स्थिति से कैसे निपटेंगे? ऐसे कौन से विकल्प हैं, जहां से मदद मिल जाएगी?

प्रॉपर्टी के एवज में लोन लेने के फायदे

– प्रॉपर्टी को गिरवी रखकर जो लोन लिया जाता है, वो सुरक्षित ऋण होता है. प्रॉपर्टी को गिरवी रखने के बाद जो आपको लोन राशि मिलती है,         उससे आप निजी और बिजनेस की जरूरतें पूरी कर सकते हैं. यह राशि आपकी जरूरत से ज्यादा भी हो सकती है.

– आप अपनी संपत्ति को बैंक या किसी भी वित्तीय संगठन के पास गिरवी रख सकते हैं. इसके बाद आपको इसके एवज में लोन मिल जाएगा.

– प्रॉपर्टी को गिरवी रखने के बाद मिली राशि को आप बिना किसी प्रतिबंध के विभिन्न मकसदों के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं.

– लोन किसी रिहायशी, कमर्शियल या किसी जमीन, जिसमें कृषि भूमि भी शामिल होती है को गिरवी रखकर ले सकते हैं. सिर्फ जमीन या प्रॉपर्टी       आपके नाम पर होनी चाहिए.

– प्रॉपर्टी के एवज में लोन कोई भी ले सकता है चाहे वो नौकरी करता हो या अपना बिजनेस चलाता हो.

– प्रॉपर्टी के एवज में लोन की अधिकतम अवधि 15 साल होती है. लेकिन यह आपकी एलिजिबिलिटी और ग्राहक की प्रोफाइल पर निर्भर करता है.

– एक ग्राहक संपत्ति के खिलाफ लोन के जरिए 60-70% का एलटीवी हासिल कर सकता है, इसका मतलब है जब आप प्रॉपर्टी के खिलाफ लोन     लेते हैं, तो आपको जो राशि मिलती है वह संपत्ति की मार्केट वैल्यू का 60-70% होता है, जिसे आपने गिरवी रखा है.

प्रॉपर्टी के एवज में लोन लेने के फायदे

– आपको बड़ा लोन मिलता है.
– अन्य लोन की तुलना में ब्याज दर कम होती है.
– लोन की अवधि बड़ी होती है.
– कम ईएमआई
– जो पैसा लिया है, उसके इस्तेमाल पर कोई पाबंदी नहीं.

प्रॉपर्टी के एवज में लोन पर ब्याज दर

प्रॉपर्टी को गिरवी रखकर जो लोन मिलता है, उसमें ब्याज दर अन्य असुरक्षित लोन की तरह कम होता है. इसका कारण है कि बैंक को आपने जो गारंटी दी है, वो प्रॉपर्टी गिरवी के तौर पर है. कर्जदाता भी सुरक्षित महसूस करते हैं क्योंकि आपने जो सिक्योरिटी रखी है, वो संपत्ति को गिरवी रखकर दी है. ग्राहक अपनी सहूलियत के हिसाब से तय या फ्लोटिंग ब्याज दर चुन सकते हैं.

इसमें क्या जोखिम हैं

अगर किसी कारण से आप लोन वापस नहीं कर पाते तो कर्जदाता को पूरा हक है कि वह आपकी संपत्ति को बेचकर अपना पैसा वापस हासिल करे. लिहाजा जब भी आप प्रॉपर्टी को गिरवी रखकर लोन लेते हैं तो इस बात का जोखिम रहता है कि अगर लोन नहीं चुकाया तो प्रॉपर्टी का मालिकाना हक जा सकता है.

प्रॉपर्टी के एवज में लोन पाने के लिए जरूरी दस्तावेज

– आईडी प्रूफ जैसे केवाईसी दस्तावेज
– अड्रेस प्रूफ
– आईटीआर दस्तावेज
– पिछले 6 महीने की बैंक स्टेटमेंट
– प्रॉपर्टी दस्तावेज
– चेक
– पासपोर्ट साइज फोटो

 

प्रॉपर्टी को गिरवी रखकर लोन लेने की योग्यता?

एलपीए एलिजिबिलिटी में आपके क्रेडिट स्कोर, आय, उम्र, क्वॉलिफिकेशन, आश्रितों की संख्या, असेट्स और वह कंपनी, जिसके लिए आप काम कर रहे हैं, को देखा जाता है. एक बार लोन अप्रूव होने के बाद या तो पूरी राशि या फिर निश्चित इन्स्टॉलमेंट में आपको मिल जाएगी. लोन तभी पूरा होगा, जब आवेदक कर्जदाताओं की सारी एलिजिबिलिटी पूरी कर लेंगे.

प्रॉपर्टी गिरवी रखकर लोन क्यों लें?

जब भी आपको बड़ी राशि की जरूरत हो तो गिरवी या प्रॉपर्टी के एवज में लोन लिया जा सकता है. एलएपी की सिफारिश इसलिए भी की जाती है क्योंकि जो राशि ली जाती है, उसके इस्तेमाल पर कोई प्रतिबंध नहीं है. चाहे आप उसका इस्तेमाल निजी कामों के लिए करें या बिजनेस के लिए. एलपीए सभी के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.

एलएपी का एक और फायदा यह भी है कि जो पैसा मिलता है, उस पर ब्याज दर कम होती है. मान लीजिए कि आपको 15 लाख रुपये की जरूरत है और इसे पूरा करने के लिए आप पर्सनल लोन लेते हैं, जिसकी 5 साल की अवधि के लिए ब्याज दर 15 प्रतिशत है. वहीं इसी राशि में अगर आप प्रॉपर्टी के एवज में लोन लेते हैं तो 5 से 10 साल की अवधि में सिर्फ 10 प्रतिशत ब्याज दर चुकाना होगा. इस तरीके से आप एलएपी को चुनकर काफी पैसा बचा सकते हैं.

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