क्या है होम लोन की पूरी प्रक्रिया? जानें शुरुआत से आखिर तक की एक-एक बात

बिना होम लोन के कई लोगों का घर खरीदने का सपना कभी हकीकत नहीं बन पाता. एक बार कोई घर पसंद आने के बाद आप होम लोन की प्रक्रिया की शुरुआत कर देते हैं. होम लोन घर खरीदने का एक वित्तीय साधन है. यह एक सुरक्षित लोन है और इसमें कई चरण होते हैं. आमतौर पर, होम लोन मंजूर होने में 15 दिन का समय लगता है. आखिरी स्टेज यानी लोन वितरण पर पहुंचने से पहले खरीददार और कर्जदाता कई चरणों से होकर गुजरते हैं. होम लोन के लिए अप्लाई करने से पहले होम लोन ईएमआई कैलकुलेटर पर अपनी ईएमआई जरूर चेक कर लें. आइए अब आपको होम लोन की प्रक्रिया से रूबरू कराते हैं.

होम लोन के लिए अप्लाई

सबसे पहला कदम लोन के लिए अप्लाई करना है. हर कर्जदाता की एप्लिकेशन अलग-अलग हो सकती है. होम लोन के फॉर्म में क्या-क्या जानकारियां पूछी जाती हैं, उसके बारे में हम आपको नीचे बताएंगे. इसमें आपको पर्सनल और प्रोफेशनल, फाइनेंशियल असेट्स और देयता से जुड़ी जानकारियां देनी पड़ती हैं.

बैंक की ओर से होम लोन की समीक्षा

अगला कदम है होम लोन एप्लिकेशन की समीक्षा और योग्यता को जांचना. इस दौरान, कर्जदाता आपकी योग्यता और पुनर्भुगतान की क्षमता को जांचेगा. कर्जदाता इस दौरान कई चीजें चेक करेगा, जैसे आय, उम्र, नौकरी की प्रकृति और स्थिरता, आश्रितों की संख्या, मौजूदा देयता, पुनर्भुगतान क्षमता, जॉब की वेरिफिकेशन, घर की वेरिफिकेशन, क्रेडिट स्कोर और क्रेडिट रिपोर्ट इत्यादि.

लीगल वेरिफिकेशन

अगर बैंक ने आपको होम लोन देने के योग्य माना तो कर्जदाता उस प्रॉपर्टी को वेरिफाई करेगा, जो आप खरीदना चाहते हैं. कर्जदाता प्रॉपर्टी का लीगल वेरिफिकेशन कराने के लिए किसी वकील को भेजेगा. वे साइट विजिट और प्रॉपर्टी के कानूनी दस्तावेज चेक करेंगे. वे देखेंगे कि प्रॉपर्टी किसी कानूनी पचड़े में तो नहीं फंसी हुई. अगर वकील इस बात से संतुष्ट हो गया कि प्रॉपर्टी निवेश के लायक है तब वह बैंक को लीगल वेरिफिकेशन रिपोर्ट सौंपेगा.

प्रॉपर्टी वैल्यूएशन

अगला कदम प्रॉपर्टी का उचित बाजार मूल्य पता लगाना है. कर्जदाता साइट पर एक्सपर्ट्स को भेजेगा, ताकि प्रॉपर्टी की वैल्यू पता लगाई जा सके. कर्जदाता ऐसा इसलिए करता है ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि प्रॉपर्टी के लिए पर्याप्त लोन अप्रूव किया गया है.

होम लोन की मंजूरी

ऊपर बताए गए 3 स्टेप्स को फॉलो करने के बाद अगला स्टेप है होम लोन की मंजूरी का. इसका मतलब है कि आप होम लोन अग्रीमेंट के दस्तावेज साइन करने के लिए तैयार हैं. होम लोन अग्रीमेंट एक बुकलेट की तरह है, जिसमें होम लोन की नियम व शर्तें लिखी होती हैं. अगर आपका होम लोन मंजूर हो गया है तो आपको अपने नाम पर प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू कर देनी चाहिए.

प्रॉपर्टी के दस्तावेजों का रजिस्ट्रेशन

अगला कदम है अपने इलाके के सब-रजिस्ट्रार दफ्तर में प्रॉपर्टी को रजिस्टर कराने का. रजिस्ट्रेशन के वक्त, आपको सरकार की रजिस्ट्रेशन फीस और स्टैंप ड्यूटी चुकानी पड़ेगी.

अग्रीमेंट पर दस्तखत और आगे की तारीखों के चेक जमा कराएं: अग्रीमेंट के दस्तावेज में आपको काफी जगह दस्तखत करने पड़ेंगे. लोन के दस्तावेज साइन करते वक्त आपको असली कागजातों के अलावा आगे की तारीखों के चेक (Post Dated Cheques) भी जमा कराने होंगे. आगे की तारीखों के चेक शुरुआती 36 महीनों के होंगे.

लोन वितरण

सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद लोन की  राशि चेक या डिमांड ड्राफ्ट के जरिए प्रॉपर्टी के विक्रेता के नाम पर भेज दी जाएगी. विक्रेता प्रॉपर्टी के पेपर्स बैंक को मुहैया कराएगा. इसका मतलब है कि लोन को पूरी तरह चुकाए जाने तक प्रॉपर्टी के पेपर्स (सेल्स डीड और मदर डीड) बैंक की कस्टडी में रहेंगे.

अब जब आपको होम लोन मिल गया है और प्रॉपर्टी आपके नाम पर रजिस्टर हो गई है तो आप अपनी पसंद के किसी भी दिन नए घर में प्रवेश कर सकते हैं. होम लोन पर ब्याज उस दिन से लगना शुरू होगा, जब लोन मंजूर हुआ था, उस दिन से नहीं, जब उसका वितरण किया गया. लिहाजा, लोन वितरण कराने की जल्द से जल्द कोशिश करें ताकि आप नए घर में जल्द से जल्द प्रवेश कर सकें.

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