बिजनेस लोन हासिल करना कितना मुश्किल है?

बिजनेस लोन पाना कितना मुश्किल है? यह एक दिलचस्प सवाल है. यह कुछ ऐसा सवाल है कि आप किसी सुस्त व्यक्ति से पूछें कि समुद्र में तैरना कितना मुश्किल है. वह कहेगा काफी चुनौतीपूर्ण. वहीं दूसरी ओर एक ब्लू व्हेल के लिए यह बहुत आसान होगा. तो जो बात हम बताना चाह रहे हैं वो ये है कि निर्भर करता है कि आप पूछ किससे रहे हैं. बिजनेस लोन हासिल करना कितना मुश्किल है इस सवाल का जवाब है कि आप यह बात किससे पूछ रहे हैं.

सबसे पहले आइए जानते हैं कि लोन कितने प्रकार के होते हैं. यूं तो दो बड़े प्रकार के लोन होते हैं सुरक्षित और असुरक्षित लोन. अपनी जरूरत और चुकाने की क्षमता के हिसाब से आप फैसला ले सकते हैं कि कौन सा लोन लें. सुरक्षित लोन वह होता है, जिसके एवज में आपको कोई चीज जैसे घर, संपत्ति या कार बतौर गारंटी रखनी पड़ती है. अगर ग्राहक लोन नहीं चुका पाया तो कर्जदाता का उस गारंटी पर कब्जा हो जाएगा.

वहीं असुक्षित बिजनेस लोन के लिए गारंटी देने की जरूरत नहीं होती. दोनों के अपने ही फायदे और नुकसान हैं. एक और तरह का कर्ज होता है, जिसे एंजल इन्वेस्टिंग कहते हैं. इसमें कोई शख्स या लोगों का समूह अपना पैसा बतौर बिजनेस लोन निवेश करता है.

आइए अब उन फैक्टर्स की ओर चलते हैं, जो यह तय करते हैं कि बिजनेस के लिए लोन मिलना पाना कितना मुश्किल है. अगर आपका बिजनेस में यह पहला-पहला अनुभव है तो कर्जदाता आपको लोन देने में थोड़े झिझकेंगे क्योंकि पैसों की रिकवरी में थोड़ा जोखिम रहेगा. अगर आपकी कंपनी बिजनेस में अच्छा कर रही है और उसे कुछ वक्त हो गया है तो बिजनेस लोन पाना आसान हो जाता है क्योंकि प्रॉफिट और व्यवसाय मॉडल की व्यवहार्यता खुद अपनी कहानी बयां कर देती है.

बिजनेस मॉडल की बात करें तो यह भी जरूरी है कि आपके बिजनेस को खुद के लिए खड़ा होना चाहिए. उसके पास एक उज्ज्वल, सिद्ध यूएसपी होनी चाहिए जो प्रतिस्पर्धा का सामना कर सके. उदाहरण के लिए, टेलिकॉम सेक्टर या ई-कॉमर्स सेक्टर में जब तक आप कुछ नया नहीं करेंगे, आपके लिए लोन पाना मुश्किल होगा.

सिर्फ इंटरनल फैक्टर्स की कारण नहीं हैं, जो बिजनेस के लिए लोन लेना मुश्किल या आसान बना देते हैं. कई बाहरी कारण भी हैं, जैसे जब आपको लोन चाहिए, उस वक्त देश की आर्थिक स्थिति कैसी है. अगर अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है और व्यवसाय फलफूल रहे हैं तो लोन हासिल करना किसी भी बिजनेस के लिए आसान है.

लेकिन अगर अर्थव्यवस्था की हालत खस्ता है तो अन्य फैक्टर्स जैसे जरूरत, प्रोपोजल, बिजनेस प्लान और कर्जदाताओं के साथ रिश्ते, जिनसे आप पहले ही कर्ज ले चुके हों आपको कर्ज हासिल करने में मदद करते हैं. एक और चीज, CIBIL स्कोर शानदार होना जरूरी है. अगर यह 715 के ऊपर है तो आपको शानदार लोन मिल सकता है.

इसके अलावा लोन पाने के लिए दस्तावेज भी अहम भूमिका निभाते हैं. इन दस्तावेजों का पूरा होना जरूरी है, ताकि आपकी लोन एप्लिकेशन रिजेक्ट ना हो जाए. बिजनेस लोन के लिए आपको इन दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी.

– वो दस्तावेज को कंपनी की वित्तीय सेहत दिखाएं.
– बैलेंस शीट, प्रॉफिट एंड लॉस, ऑडिट रिपोर्ट्स, पिछले 3 साल के वैट रिटर्न्स. अगर आपको 2020 में लोन चाहिए तो आप 2016 से 2019         तक की रिपोर्ट्स दिखा सकते हैं.
– मौजूदा परफॉर्मेंस, अनुमानित टर्नओवर, यह बात कंपनी के आधिकारिक लेटरहेड पर लिखकर दी जानी चाहिए.
– बुनियादी दस्तावेज जैसे अस्तित्व और अड्रेस प्रूफ. इन्हें सेल्फ अटेस्ट होना जरूरी है.

1. केवाईसी- नो योर कस्टमर: इनकॉरपोरेशन सर्टिफिकेशन, पार्टनरशिप डीड, इस्टेब्लिशमेंट सर्टिफिकेट.

2. पैन कार्ड्स: मालिकों, प्रोमोटर्स और व्यापार इकाई के पैन कार्ड्स.

3. अड्रेस प्रूफ: मालिकों, प्रोमोटर्स और व्यापार इकाई के अड्रेस प्रूफ.

4. आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी को भी आप बतौर अड्रेस प्रूफ दिखा सकते हैं.

– बैंक स्टेटमेंट अगर आप पहली बार लोन ले रहे हैं तो 9-12 महीनों की बैंक स्टेटमेंट. अगर एसएमई का एक बैंक से अधिक में खाता है तो स्टेटमेंट     में 75 प्रतिशत टर्नओवर होना चाहिए.

यह ध्यान रखना दिलचस्प है कि ज्यादातर बिजनेस केवल इन लोन की तलाश करते हैं और कागजी कार्रवाई तैयार करते हैं और पैसे की सख्त जरूरत होने पर घबराहट में इधर-उधर भागते हैं. करना यह चाहिए कि लोन अप्लाई करने से पहले दस्तावेज तैयार कर लें ताकि यह आसानी से मिल जाए.

तो आर्टिकल के अंत में हम इसी नतीजे पर पहुंचते हैं कि इकोनॉमी की हालत, बिजनेस का प्रकार और किस चरण पर बिजनेस पहुंचा है, कर्जदाता से रिश्ते, CIBIL स्कोर बिजनेस लोन पाने में बेहद अहम रोल निभाते हैं.

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