छोटे बिजनेस लोन के लिए कैसे करें अप्लाई?

वित्तीय संकट के बाद, ग्लोबल इकोनॉमी अभी भी बेहतर विकास दर पाने के लिए मुश्किलों का सामना कर रही है. इसी तरह, भारत की जीडीपी बेहतर आर्थिक स्थिति हासिल करने के लिए जोर लगा रही है. हाल ही में, मूडीज़ इन्वेस्टर्स सर्विस ने भारत के सकल घरेलू उत्पाद में 6.2 प्रतिशत की कमी का अनुमान लगाया है. अर्थव्यवस्था में सुस्ती भी कई कारणों से है, जिसमें ग्रामीण घरेलू संकट, कमजोर हायरिंग और मुश्किल फाइनेंस शामिल है.

इसके अलावा, रिपोर्ट में व्यापार मॉड्यूल में मंदी भी बताई गई है और व्यवसायों के लिए धीमा क्रेडिट फ्लो अधिक अपर्याप्त निवेश की दिशा में योगदान दे रहा है. हालांकि, SME (छोटे, मध्यम उद्योग) लगातार एक ही दिशा में जा रहा है. इसका एक कारण यह है कि भारत सरकार ने एसएमई लोन में कुछ मानदंडों में ढील दी है, जिससे वृद्धि को और बढ़ावा मिला है.

वर्तमान में, 42.50 मिलियन से अधिक पंजीकृत और अपंजीकृत एसएमई हैं, जो लगभग 106 मिलियन लोगों को रोजगार देते हैं. ऑनलाइन एसएमई लोन, असुरक्षित बिजनेस लोन और अन्य लोन योजनाओं की उपलब्धता एसएमई को विकास की दिशा दे रही हैं. भारत में बैंक और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (NBFC) दोनों एसएमई को लोन देती हैं. कुछ के लिए ग्राहक को गारंटी देनी पड़ती है और कुछ के लिए नहीं. भारत में कई तरह के एसएमई लोन उपलब्ध हैं. हालांकि, यह जानना जरूरी है कि असल में यह क्या है.

क्या होता है एसएमई लोन?

आसान शब्दों में कहें तो लोन कंपनियां एसएमई कंपनियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए एसएमई लोन देती हैं. एसएमई ग्रामीण क्षेत्रों में शानदार रोजगार के अवसर और औद्योगीकरण को सहायता देने के लिए जिम्मेदार हैं. भारत में कई तरह के एसएमई लोन हैं, जिन्हें एक बिजनेसमैन चुन सकता है.

लेकिन लोन पाने के लिए योग्यता का पैमाना है, जिसे पूरा करना पड़ता है. इनमें मशीनरी लोन, वर्किंग कैपिटल लोन, टर्म लोन इत्यादि होते हैं. व्यापारी ये लोन मशीनरी खरीदने और वर्किंग कैपिटल बढ़ाने के लिए लेते हैं. अलग-अलग वित्तीय संस्थान विभिन्न लोन राशि और अवधि मुहैया कराते हैं. इस लोन की रेंज 1 लाख से 5 लाख रुपये तक होती है.

बिजनेस लोन के लिए कैसे अप्लाई करें ये जानने से पहले आइए आपको बताते हैं कि एसएमई लोन कितने प्रकार के होते हैं.

टर्म लोन:

ये एसएमई लोन सबसे मशहूर है, जिसे एनबीएफसी मुहैया कराता है. कर्ज देने वाले संस्थान कम और लंबी अवधि दोनों तरह के लोन मुहैया कराते हैं. हर कर्जदाता की लोन राशि, अवधि और ब्याज दर अलग-अलग होती हैं. कई कर्जदाताओं की ब्याज दर फिक्स होती हैं, जबकि अन्य की फ्लोटिंग. अगर आप योग्यता के पैमाने पर खरे उतरते हैं तो एनबीएफसी आपको 78 घंटे या 3 दिनों में लोन दे देगा.

वर्किंग कैपिटल लोन:

आसान शब्दों में, रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए कंपनियां वर्किंग कैपिटल लोन लेती हैं. इस लोन का मुख्य मकसद व्यवसायों के पूरे विकास पर ज्यादा ध्यान देने और पूंजी को बनाए रखने में मदद करना है. छोटे व्यवसायों को कभी भी पैसों की जरूरत पड़ सकती है ताकि ग्रोथ हासिल की जा सके. यह तब है, वर्किंग कैपिटल लोन वित्तीय जरूरतों से निपटने की भूमिका में आता है. ज्यादातर वर्किंग कैपिटल लोन असुरक्षित होते हैं.

कैपिटल लोन:

इसे लोन कैपिटल भी कहा जाता है. यह लोन, बॉन्ड और स्टॉक उधार देने का एक रूप है, जिसे निवेशक को वापस भुगतान किया जाना है. कैपिटल लोन में उधारकर्ता को निवेशकों को कुछ आवधिक ब्याज भुगतान करना होता है. हालांकि, निवेशक को संगठन के फायदे से हिस्सा नहीं मिलेगा.

छोटे बिजनेस लोन के लिए कैसे अप्लाई करें

वो दिन गए जब एसएमई व्यापारियों को बिजनेस लोन हासिल करने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था. भारी-भरकम दस्तावेज की प्रक्रिया और एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया बहुत समय खाते थे. भला हो ऑनलाइन लोन एप्लिकेशन का, जिसमें खरीददार को एसएमई लोन लेने के लिए किसी भी तरह की थकाऊ प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ता. लेकिन एसएमई लोन के लिए अप्लाई करने से पहले लोन पेबैक, अवधि, ब्याज दर और प्रोसेसिंग फीस की तुलना करना बेहद जरूरी है.

एसएमई लोन के लिए कैसे अप्लाई करें, ये है तरीका

अपना क्रेडिट स्कोर चेक करें: यह लोन का सबसे अहम हिस्सा है. कर्ज देने वाला आपके क्रेडिट स्कोर की जांच करेगा, जो नियमों के मुताबिक ज्यादा होना चाहिए. लोन देने वाली कंपनियां उन बिजनेस मालिकों को लोन देना पसंद करती हैं, जिनके पास 700 या उससे ज्यादा की क्रेडिट हिस्ट्री है. अगर आपके पास क्रेडिट स्कोर की जांच करने का कोई तरीका नहीं है, तो ऑनलाइन कर्ज देने वाली साइट्स पर जाएं. पिछले लोन को समय पर चुकाकर क्रेडिट स्कोर (CIBIL) को ज्यादा बनाए रखें. तुरंत एसएमई लोन पाने में यह जरूर मदद करेगा.

अपना एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया चेक करें: अलग-अलग कंपनियों का अलग-अलग एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया होता है, जिसके बारे में आपको तुलना करनी और पता होना चाहिए. कई जाने-माने कर्जदाताओं के एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया में ये चीजें शामिल होती हैं

– पिछली बिक्री 5 लाख या उससे ज्यादा होनी चाहिए.
– पिछले साल का आईटीआर कम से कम 1.5 लाख होना चाहिए.
– एक बिजनेस परिसर होना चाहिए, जिसमें पर्याप्त असेट्स हों.
– आईडी प्रूफ- पैन कार्ड, बिजनेस और हाउस अड्रेस, बैंक के 9 महीनों की स्टेटमेंट.
– कमर्शियल और हाउस प्रॉपर्टी के दस्तावेज

सही अकाउंट मेंटेन रखें: एक बिजनेस यूनिट के तौर पर यह जरूरी हो जाता है कि आप बिजनेस अकाउंट का रिकॉर्ड ठीक से रखें. यह सलाह दी जाती है कि कर्जदाता के सामने पेश करने के लिए अपने बिजनेस फाइनेंस का ऑडिट रिकॉर्ड रखें.

एसएमई लोन लेने के फायदे

पुनर्भुगतान के कई विकल्प: चूंकि कर्जदाता भी बिजनेस के उतार-चढ़ाव को अच्छे से समझते हैं इसलिए वे लोन मंजूर करते वक्त उसके पुनर्भुगतान के कई प्लान्स देते हैं. इसके अलावा कर्जदाता पुनर्भुगतान की कई अवधियां जैसे 12 महीने, 18 महीने, 24 महीने का विकल्प देते हैं. अगर आप 6 ईएमआई चुका देते हैं तो आपको प्री-पेमेंट चार्ज नहीं देना होगा. इसका मतलब है कि अगर समय से पहले ही लोन चुका देते हैं तो एक पैसा और नहीं देना होगा.

बिना झंझट एप्लिकेशन प्रोसेस: कम से कम दस्तावेज, आसान प्रक्रिया और तीन दिन में बिना झंझट लोन को मंजूरी. एसएमई लोन एप्लिकेशन ऑनलाइन भी उपलब्ध है ताकि आप अपनी सहूलियत के हिसाब से इसके लिए अप्लाई कर पाएं.

तुरंत फंड वितरण: अपने मौजूदा बिजनेस को बढ़ाने के लिए आपको तुरंत लोन मिलेगा. कुछ जानी-मानी एसएमई लोन कंपनियां तीन दिनों में फंड मुहैया कराती हैं.

एसएमई की भारतीय अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका है. रोजगार के अवसर पैदा करने के अलावा यह जीडीपी को भी आगे ले जाती है. फाइनेंस कंपनियां ऐसे एंटरप्राइजेज की मदद करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ दे रही हैं. बिजनेस की अच्छी ग्रोथ के लिए सर्वश्रेष्ठ एसएमई लोन चुनें.

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