छोटे कारोबार के लिए कैसे हासिल करें मशीनरी लोन?

मशीनरी लोन अपग्रेडेड मशीनरी और उपकरण खरीदने के लिए लिया जाता है. मशीनरी लोन की मदद से कारोबारियों को वर्किंग कैपिटल का बड़ा हिस्सा खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ती. इस ब्लॉग में हम आपको बताएंगे कि मशीनरी लोन क्या होता है और उसे कैसे हासिल करें.

कारोबारी अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को हमेशा 100 प्रतिशत देना चाहता है. लेकिन उसकी कामयाबी और नाकामयाबी प्रॉडक्ट/सर्विस क्वॉलिटी और उत्पादन में लगने वाले समय पर निर्भर करती है. प्रॉडक्ट की क्वॉलिटी को जो फैक्टर्स प्रभावित करते हैं, वे हैं इस्तेमाल होने वाली मशीनरी.

मशीनरी और उपकरण किसी मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस में अहम संपत्ति होते हैं. यह बहुत जरूरी है कि इसके दौड़ते पहिये थम न जाएं. लेकिन नई तकनीकी प्रगति के कारण मौजूदा मशीनरी या उपकरण अप्रचलित हो सकते हैं. अगर इसे वक्त पर न सुधारा गया तो पुरानी मशीनरी बिजनेस पर नकारात्मक असर डाल सकती है. इसलिए अपडेटेड मशीनरी या इक्विपमेंट खरीदना जरूरी है ताकि बिजनेस अपनी पूरी क्षमता के साथ उत्पादन करता रहे.

क्या होता है मशीनरी लोन?

भारत में मशीनरी लोन देने वाले कई कर्जदाता हैं. आप कर्ज लेकर या तो नई मशीनरी ले सकते हैं या फिर मौजूदा मशीनरी को अपग्रेड कर सकते हैं. ग्राहक नई मशीनरी खरीदकर ईएमआई में भी उसके पैसे चुका सकता है. आप सिक्योरिटी या बिना सिक्योरिटी के साथ मशीनरी लोन ले सकते हैं, वो भी अपनी जरूरत के मुताबिक. ऑनलाइन कर्ज देने वाली कंपनियां ग्राहकों के बीच काफी मशहूर हो रही हैं. पुणे, दिल्ली, गुरुग्राम, हरिद्वार और देश के अन्य हिस्सों में कई ऐसी हैं, जो ऑनलाइन लोन देती हैं.

ऑनलाइन कर्ज देने वाली कंपनियां कौन सी हैं?

ऑनलाइन कर्ज देने वाली कंपनियां हैं एनबीएफसी, जो मध्यम, छोटे व लघु उद्योग को स्पेशल बिजनेस लोन देती हैं जैसे मशीनरी लोन, वर्किंग कैपिटल लोन, टर्म लोन, कैपिटल लोन और फ्लेक्सी लोन. ऑनलाइन कर्ज देने वाली कंपनियों की वेबसाइट पर लोन एप्लिकेशन का फॉर्म भी होता है. वे बुनियादी योग्यता, कम ब्याज दरों और कम दस्तावेजों के जरिए लोन ऑफर करते हैं.

मशीनरी लोन के लिए क्या है एलिजिबिलिटी?

ज्यादातर एनबीएफसी और ऑनलाइन कर्ज देने वाली कंपनियां 5 लाख रुपये तक बिजनेस के लिए लोन देती हैं. लोन पाने के लिए बिजनेस का पिछले साल का टर्नओवर 10 लाख रुपये होना चाहिए. कारोबार के मालिक के पास अपना ऑफिस परिसर या घर होना चाहिए. साथ ही उसने पिछले साल का 2.5 लाख का आईटीआर भरा हो.

इक्विपमेंट लोन 6-24 महीने की लचीली अवधि में चुकाया जा सकता है. इसके अलावा, अगर आप कर्ज वक्त से पहले चुका देते हैं तो ऑनलाइन कर्ज देने वाली कंपनियां किसी तरह का फोरक्लोजर चार्ज भी नहीं लगातीं.

मशीनरी लोन के फायदे क्या हैं?

मशीनरी लोन के कई फायदे हैं, जो हैं:

– नई या लेटेस्ट मशीन को सिर्फ मार्जिन मनी देकर ही खरीदा जा सकता है. इसलिए आपको वर्किंग कैपिटल में से पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है.

– लोन ईएमआई की पेमेंट में इनकम टैक्स पर छूट मिलती है. इससे भी काफी पैसे बचते हैं.

– नई और अपग्रेडेड मशीनरी आने से क्वांटिटी के अलावा प्रॉडक्ट क्वॉलिटी भी बढ़ जाती है.

– नई मशीनों से उत्पादन की लागत भी घटती है.

मशीनरी लोन कैसे हासिल करें

मशीनरी लोन ऑनलाइन किसी कर्जदाता की वेबसाइट या मोबाइल एप के जरिए हासिल किया जा सकता है. आपको खुद कर्जदाता के पास जाने की जरूरत नहीं है. ऑनलाइन कर्जदाता आपको ऑनलाइन ही बिजनेस लोन एप्लिकेशन भरने की सहूलियत देते हैं. लोन एप्लिकेशन में मांगी गई सभी जानकारियां जैसे नाम, अड्रेस, कॉन्टैक्ट नंबर इत्यादि भरना चाहिए.

इसके बाद आप पीडीएफ की शक्ल में दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं. ध्यान रहे कि दस्तावेज ग्राहक की ओर से सबूत के तौर पर दी गई सूचना है और उसे पीडीएफ की शक्ल में जमा कराएं. दस्तावेज जमा कराने के बाद, कर्जदाता का प्रतिनिधि लोन एप्लिकेशन फॉर्म को आगे प्रोसेस करेगा.

अगर लोन अप्रूव हो गया है तो कुछ दिनों में राशि आपके अकाउंट में आ जाएगी. अगर एप्लिकेशन रिजेक्ट हो गई है तो आपको ई-मेल या मैसेज के जरिए कारण के साथ जवाब भेज दिया जाएगा.

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