नीलामी में कैसे खरीदें प्रॉपर्टी, जानें क्या होती है पूरी प्रक्रिया

लोग अपनी प्रॉपर्टी बैंक के पास गिरवी रखकर घर खरीदने के लिए होम लोन लेते हैं. जब ग्राहक लोन नहीं चुका पाता तो कर्जदाता अपने नुकसान की भरपाई के लिए उस प्रॉपर्टी को बेच देता है. ऐसी प्रॉपर्टीज के लिए दमदार खरीददार बोली लगाते हैं और नीलामी के जरिए उसे बेचा जाता है. ऐसी संपत्तियों का दाम बाजार मूल्य से 25-30 प्रतिशत कम होता है. बाजार मूल्य की तुलना में कीमत कम होने से कई ग्राहक ऐसी संपत्तियों को खरीदना चाहते हैं. नीलाम हो रही संपत्ति एक जोखिम भरा निवेश है इसलिए पैसा लगाने से पहले हर पहलू पर बारीकी से गौर कर लें. इस आर्टिकल में हम आपको नीलाम हो रही संपत्ति को खरीदने के सुरक्षित और सर्वश्रेष्ठ उपाय बताने जा रहे हैं.

इन तरीकों से खरीदें नीलाम हो रही संपत्ति

बजट तैयार करें

नीलाम हो रही संपत्ति को खरीदने की योजना बना रहे हैं तो आपके पास अच्छा-खासा कैश होना चाहिए. नीलाम हो रही संपत्ति को खरीदने के लिए कैश की जरूरत होती है. कम से कम आपके पास प्रॉपर्टी वैल्यू का न्यूनतम 25 प्रतिशत कैश होना चाहिए. नीलामी के दिन प्रॉपर्टी वैल्यू की 25 प्रतिशत राशि 24 घंटे के अंदर कर्जदाता को देनी पड़ती है. अगर उस वक्त आपके पास पैसे कम हैं तो न सिर्फ आपके हाथ से प्रॉपर्टी चली जाएगी बल्कि जो एडवांस पेमेंट आपने दी है, वो भी कर्जदाता से वापस मिलने में मुश्किलें आएंगी.

ऑनलाइन ढूंढें या न्यूजपेपर में ऐड देखें

जब आप पैसों के साथ तैयार हों तो ऐसी प्रॉपर्टीज खोजें, जिनकी नीलामी हो रही हो. बैंक आमतौर पर ऐसी प्रॉपर्टीज के विज्ञापन अखबार या कुछ वेबसाइट्स पर डाल देते हैं. ऐसी सभी वेबसाइट्स पर नजर रखें. अच्छा होगा कि आप इन वेबसाइट्स का न्यूजलेटर्स सब्सक्राइब कर लें ताकि आपकी पसंदीदा जगह पर अगर प्रॉपर्टी नीलाम हो रही हो तो आपको सबसे पहले पता चल जाए. आप अपनी पसंदीदा जगह और प्राइज रेंज भी सेट कर सकते हैं.

प्रॉपर्टी की जांच-पड़ताल कर लें

अगर आपको अपनी पसंद की प्रॉपर्टी मिल गई है तो जरूरी है कि आप उसकी अच्छे से जांच-पड़ताल कर लें. उसके लीगल टाइटल्स जरूर देख लें. जब बैंक किसी प्रॉपर्टी की नीलामी करता है तो बैंक के पास उसके लीगल टाइटल्स नहीं होते. बैंक कभी भी प्रॉपर्टी की कानूनी जिम्मेदारी नहीं लेता. यह सलाह दी जाती है कि प्रॉपर्टी के कागजातों की किसी अनुभवी वकील से जांच करवा लें. इसके लिए आपको थोड़े पैसे जरूर देने पड़ेंगे लेकिन इससे आप भविष्य में बड़े नुकसान से बच जाएंगे.

खुद जाकर प्रॉपर्टी का मुआयना करें

जब आप प्रॉपर्टी के लीगल टाइटल्स को लेकर संतुष्ट हो जाएं तो खुद जाकर प्रॉपर्टी का मुआयना करके आएं. प्रॉपर्टी का मुआयना करने से पहले आपको बैंक से बात करके एक डेट लेनी होगी, जिस दिन आप प्रॉपर्टी देखने जाएंगे. प्रॉपर्टी का मुआयना करते वक्त, आपको देखना होगा कि प्रॉपर्टी पर कोई बैंक नोटिस तो नहीं है. इसके साथ, प्रॉपर्टी की स्थिति जैसे कितने वक्त तक वह खाली रही है, क्या बैंक ने पोजेशन ले लिया है या डिफॉल्टर उसमें रह रहा है जैसी चीजें भी देख लें. यह जरूरी है कि बैंक के पास प्रॉपर्टी का फिजिकल पोजोशन हो. कई बार बैंक एक नोटिस के जरिए ही नीलामी प्रक्रिया सांकेतिक पोजेशन से शुरू कर देते हैं. अगर आप ऐसी प्रॉपर्टीज खरीदते हैं तो आपको घर का पोजेशन मिलने में दिक्कत आ सकती है.

ईएमडी से भरें टेंडर फॉर्म

अगर प्रॉपर्टी के फिजिकल वेरिफिकेशन से भी आप संतुष्ट हैं तो आपको ईएमडी (बयाना राशि) के साथ टेंडर भरना पड़ेगा. ईएमडी एक प्रकार का प्रॉपर्टी टैक्स है, जो बैंक या वित्तीय संस्थान को यह साबित करने के लिए दिया जाता है कि आप एक गंभीर बोलीकर्ता हैं. ईएमडी जमा कराते वक्त रसीद जरूर ले लें.

बोली का फॉर्म जमा कराएं

यह वो फॉर्म होता है, जिसमें आप बताते हैं कि कितनी कीमत पर आप प्रॉपर्टी खरीदना चाहते हैं. आपकी बताई हुई राशि बैंक के रिवर्स्ड प्राइज या रिजर्व प्राइज से ऊपर किसी भी राशि का गुणक (Multiplies) हो सकता है. प्रॉपर्टी की रिजर्व प्राइज वो कीमत होती है, जो बैंक ऑफर करता है और यह न्यूनतम कीमत होती है. आप बोली के फॉर्म में प्राइज रेंज भी लिख सकते हैं. अगर कोई बोलीकर्ता आपकी कीमत से ज्यादा बोली लगाता है तो आप हार जाएंगे. आप खुद जाकर या अगर ई-ऑक्शन है तो ऑनलाइन भी बोली लगा सकते हैं. आपको ऑनलाइन बोली का फॉर्म भरना होगा. आप बोली किसी भी वक्त बदल सकते हैं.

नीलामी की तारीख

आपकी बोली सफलतापूर्वक जमा होने के बाद बैंक आपको सूचित कर देगा. अगर आप कामयाब बोलीकर्ता निकले तो बैंक आपको 24 घंटे के भीतर बोली की राशि का 25 प्रतिशत जमा कराने को कहेगा. इस 25 प्रतिशत में वो बयाना राशि भी शामिल होगी, जो आपने टेंडर फॉर्म के साथ जमा करायी थी. अगर आप यह राशि जमा नहीं करा पाए तो न सिर्फ प्रॉपर्टी बल्कि ईएमडी अमाउंट भी हाथ से चला जाएगा. आपकी ईएमडी राशि जब्त हो जाएगी और कर्जदाता से वापस मिलने में बहुत परेशानी होगी. अगर आप होम लोन के लिए नीलामी संपत्ति खरीदना चाहते हैं तो नीलाम हो रही संपत्ति के लिए प्री अप्रूव होम लोन हासिल करें. अगर बैंक आपकी लोन एप्लिकेशन को नामंजूर कर देता है तो आप उस पूरी राशि से हाथ धो बैठेंगे, जो आपने अब तक दी है. इन सबके ऊपर, बैंक आपको बाकी की राशि चुकाने के लिए 15-20 दिन का समय देगा. इसलिए अगर होम लोन के जरिए आप नीलाम हो रही प्रॉपर्टी खरीदने की सोच रहे हैं तो आपको उसकी उपलब्धता के बारे में निश्चित होना चाहिए.

सेल सर्टिफिकेट

नीलामी संपत्ति खरीदने का अगला कदम है कर्जदाता से सेल सर्टिफिकेट लेना. जब आप प्रॉपर्टी की 100 प्रतिशत राशि चुका देते हैं तो कर्जदाता आपको सेल सर्टिफिकेट देता है. यह सबूत होता है कि खरीददार और विक्रेता के बीच लेनदेन हुआ है.

सेल सर्टिफिकेट का रजिस्ट्रेशन

इस प्रक्रिया का आखिरी कदम बैंक नीलामी संपत्ति पंजीकरण है जो सब रजिस्ट्रार ऑफिस में किया जाता है. कुछ बैंक कहते हैं कि आपका सेल सर्टिफिकेट ही घर के पोजेशन के लिए काफी है, लेकिन यह सच नहीं है. जब तक प्रॉपर्टी आपके नाम पर रजिस्टर न हो, तब तक वह कानूनी तौर पर आपकी नहीं होती. सेल सर्टिफिकेट पर बैंक अधिकारियों को दस्तखत होने चाहिए और बाद में यह रजिस्टर होनी चाहिए.

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