होम लोन ट्रांसफर करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

आज के प्रतिस्पर्धा से भरी दुनिया में ग्राहक महंगाई की दोहरी मार झेल रहे हैं. चाहे वह रोजमर्रा के आसमान छूते खर्चे हों या फिर लोन पर बढ़ती ब्याज दरें. महंगाई को तो हम काबू नहीं कर सकते लेकिन दूसरे को बेहतर कदमों के जरिए आप मैनेज कर सकते हैं. इसलिए बतौर ग्राहक, क्या आपको लगता है कि आपके होम लोन की ब्याज दरें और शुल्क दिनोंदिन बोझ बनती जा रही हैं? क्या ज्यादा ईएमआई आपके बजट को बिगाड़ रही है? अगर ऐसा है तो आप किसी अन्य कर्जदाता के पास बैलेंस ट्रांसफर के बारे में सोच सकते हैं. यह रीफाइनेंसिंग विकल्प आपको ब्याज दरें कम करने में मदद करेगा और ईएमआई को भी सस्ता बनाएगा. ऐसे भी चांस हैं कि आपको कुछ अतिरिक्त फायदे भी मिल जाएं, जैसे नो प्रीपेमेंट पेनाल्टी, अतिरिक्त टॉप-अप राशि, इंश्योरेंस कवर इत्यादि. आइए आपको चरणबद्ध तरीके से बताते हैं कि होम लोन ट्रांसफर से पहले आपको क्या करना चाहिए.

होम लोन बैलेंस ट्रांसफर की संभावना

सबसे पहले, होम लोन ट्रांसफर के लिए नए कर्जदाताओं को तलाश करने से पहले मौजूदा कर्जदाता के नियम व शर्तें सावधानीपूर्वक पढ़ लें. क्योंकि कुछ बैंक और वित्तीय संस्थानों के अग्रीमेंट में लोन ट्रांसफर का विकल्प होता ही नहीं है. इसके बाद आपके पास सिर्फ मौजूदा कर्जदाता से ब्याज दरों पर फिर से मोलभाव करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता.

कम होम लोन ब्याज दरों के लिए मोलभाव

बैलेंस ट्रांसफर चुनने से पहले आपको मौजूदा कर्जदाता के पास होम लोन ब्याज दरों को लेकर मोलभाव करना चाहिए. समय पर भुगतान का रिकॉर्ड और अच्छी क्रेडिट हिस्ट्री के आधार पर ऐसा किया जा सकता है.एक बार मोलभाव के बारे में सोचना बनता है क्योंकि कुछ बैंक ग्राहकों को खोने की चिंता में कम ब्याज दरों पर मान जाते हैं. साथ ही अगर यह आपके हक में आ जाता है तो आपका समय, पैसा और मेहनत बचेंगे. आपको नई औपचारिकताओं और दस्तावेजों के झमेले में नहीं पड़ना पड़ेगा.

बाजार में किफायती ब्याज दरें तलाश करना

अगर ऊपर बताए गए विकल्प काम नहीं आते तो आप आपके लिए यह जरूरी हो जाता है कि आप बैलेंस ट्रांसफर सुविधा का लाभ उठाएं. इसे शुरू करने के लिए आपको बाजार में मौजूद विभिन्न कर्जदाताओं की ब्याज दरें चेक करनी चाहिए. आप अपनी जरूरतों के बारे में बेहतर चर्चा करने और पर्सनलाइज्ड कोट्स हासिल करने के लिए कुछ पसंदीदा कर्जदाताओं तक पहुंचने की कोशिश कर सकते हैं, जो आपको ऑनलाइन नहीं मिल सकता.

कर्जदाता के बारे में जानकारी जुटाना

कुछ कर्जदाताओं को शॉर्टलिस्ट करने के बाद तुलना करने का अन्य पैमाना है बैलेंस ट्रांसफर सुविधा के साथ मिलने वाले फायदे और सुविधाएं. इसके अलावा, अंतिम नतीजे पर पहुंचने से पहले विभिन्न रियल एस्टेट प्लेटफॉर्म्स पर कर्जदाताओं के बारे में रिव्यूज और अन्य जानकारियां जरूर पढ़ लें.

लोन ट्रांसफर की लागत को कैलकुलेट करें

होम लोन के ट्रांसफर में विभिन्न शुल्क लगते हैं जैसे प्रोसेसिंग फीस, एप्लिकेशन फीस, इंस्पेक्शन फीस, एडमिनिस्ट्रेटिव चार्जेज इत्यादि. अधिकतर मामलों में बैंक ट्रांसफर फीस लेते हैं, जो नया और मौजूदा कर्जदाता दोनों ही वसूलते हैं. यह गणना जरूर करें कि ट्रांसफर में शामिल कुल लागत उस ब्याज राशि से कम है जिसे आप ट्रांसफर करके बचत करेंगे या नहीं. अगर नहीं तो आपको अन्य कर्जदाता को ढूंढना चाहिए या फिर मौजूदा के साथ ही रहना चाहिए.

नियम व शर्तों को ध्यान से पढ़ें

यह ध्यान में रखना बेहद जरूरी है कि एक बार नए कर्जदाता के पास होम लोन ट्रांसफर करने के बाद आप उसके नियम व शर्तों में बंध जाएंगे.
हो सकता है कि आपको कम ब्याज दरें आकर्षक लगें लेकिन लोन के साथ जुड़े नियमों का भी ध्यान रखें. इसमें छिपे हुए शुल्क के बारे में भी जानकारी हो सकती है. इसलिए अपने होम लोन को ट्रांसफर करने से आपको कितना फायदा होगा, यह पता लगाने के लिए सभी नियमों और शर्तों को अच्छी तरह से पढ़ना चाहिए.

होम लोन बैलेंस ट्रांसफर की प्रक्रिया

1. मौजूदा बैंक के साथ डील खत्म कर दें: बैलेंस ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू करने से पहले अपने मौजूदा कर्जदाता से अप्रूवल जरूर ले लें. इसके बाद होम लोन ट्रांसफर के लिए मौजूदा कर्जदाता को एक पत्र भेजें. एक बार कन्फर्म होने के बाद आपको  नॉन ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) के साथ-साथ लोन स्टेटमेंट मिलेगी, जिसमें बकाया राशि लिखी होगी.

2. नए कर्जदाता को दें NOC: लोन राशि पर अप्रूवल लेने के लिए नए कर्जदाता को नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट दें.

3. ट्रांसफर डॉक्युमेंट्स: लेनदेन पूरा होने के बाद आपके प्रॉपर्टी के दस्तावेज नए कर्जदाता के पास भेज दिए जाएंगे. आगे की तारीखों वाले चेक रद्द कर दिए जाएंगे. यह भी सुनिश्चित कर लें कि ट्रांसफर के दौरान कोई दस्तावेज न रह गया हो.

अंतिम निर्णय लेने से पहले ट्रांसफर की प्रक्रिया के सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं के बारे में जरूर जान लें. सटीक शब्दों में, जब तक बैलेंस ट्रांसफर आपको लंबी अवधि में फायदा न दे, अपने मौजूदा लोन प्रदाता के साथ ही जुड़े रहें.

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