भारत में बिना सिक्योरिटी कैसे पाएं मशीनरी लोन

मशीनरी लोन ऐसे बिजनेस लोन होते हैं, जो मैन्युफैक्चरर्स और अन्य कारोबारियों को अपने व्यापार के लिए नई मशीनरी व उपकरण खरीदने में मदद करते हैं. साधारण पैमानों पर चलते हुए भी बिजनेस की कुल प्रोडक्टिविटी बढ़ाने का यह शानदार टूल है.

मशीनरी लोन एक लुभावना ऑप्शन है, जो कारोबारियों को बेहतर और शक्तिशाली उपकरण पाने में मदद करता है, जिससे उत्पादन बढ़ता है और बिक्री व वितरण होने से मुनाफा भी.

भारत में बिना सिक्योरिटी मशीनरी लोन पाने के उपाय:

अगर आप उपकरण खरीदने के लिए लोन की तलाश में हैं तो ऐसे कई दस्तावेज हैं, जिनकी आपको अप्लाई करने के दौरान जरूरत पड़ेगी.

1. बिजनेस का प्रूफ: बिजनेस के प्रूफ के लिए, आपके पास उसे करने का सर्टिफिकेट होना चाहिए, जिसमें लिखा हो कि बिजनेस किस प्रकार का है. यह सर्टिफिकेट बिजनेस की वैधता और मशीनरी लोन सब्सिडी का कारण स्थापित करता है.

2. पुराने अकाउंट्स: अन्य दस्तावेजों के साथ फाइनेंसिंग और पिछले 3 साल के अकाउंट्स अटैच किए होने चाहिए. पिछले 3 साल के अकाउंट्स को बिजनेस या कंपनी की ओर से हासिल राजस्व की राशि को समझना जरूरी है.

3. रेजिडेंशियल प्रूफ:  बिजनेस या ऑफिस के प्रूफ भी मुहैया कराए जाने चाहिए. इसके लिए कंपनी का पैन कार्ड और लीगल दस्तावेज, जो कंपनी के पते से जुड़े हों, दिए जाने चाहिए.

4. पहचान पत्र: पहचान पत्र के लिए अन्य फॉर्म्स और दस्तावेज के साथ केवाईसी कागजातों को मशीनरी लोन के लिए अप्लाई करते वक्त अटैच करना चाहिए.

मशीनरी लोन के फायदे:

किसी मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस को चलाना और उसका प्रबंधन आसान काम नहीं है क्योंकि आपको प्रोडक्ट्स के टारगेट डिमांड को पूरा करना पड़ता है. ऐसी स्थितियों में, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के पास फाइनेंस की कमी होती है और टारगेट की डिमांड को पूरा करने के लिए बेहतर उपकरणों को अपग्रेड और खरीदने में असमर्थ हैं.

ऐसी स्थितियों में मशीनरी लोन काम आता है, जिससे आप मशीनों को अपग्रेड कर सकते हैं, ताकि डिमांड को पूरा किया जा सके.

1. उत्पादकता में बढ़ावा: मशीनरी लोन के जरिए आप  बेहतर उपकरण खरीद सकते हैं, बदले में आपकी कंपनी की प्रोडक्टिविटी बढ़ती है. कम अवधि में आप ज्यादा यूनिट्स का उत्पादन कर सकते हैं, जो बिक्री पर काफी असर डालता है.

2. क्वॉलिटी प्रोडक्ट्स: चूंकि मशीनरी लोन बिजनेस के लिए बेहतर उपकरण हासिल करने में मदद करता है, लिहाजा अपग्रेडेड मशीन से बने प्रोडक्ट्स की क्वॉलिटी भी बेहतर होती है. बेहतर प्रोडक्ट्स के जरिए अच्छी बिक्री होती है और ग्राहकों का विश्वास भी मैन्युफैक्चरिंग कंपनी में बढ़ता है.

3. गलती के चांस कम हो जाते हैं: नई मशीनों के जरिए गलती के चांस कम हो जाते हैं. यह दोष उत्पादन मशीन में ही हो सकता है या उन उत्पादों में हो सकता है जो इसे मंथन करते हैं. मशीनरी लोन के जरिए हासिल किए गए बेहतर उपकरण, ऐसे दोषों के चांस कम हो जाते हैं और प्रोडक्शन में तेजी आती है.

4. ऑन टाइम प्रोडक्शन: बेहतर उपकरणों के जरिए काम सही वक्त पर होता है. प्रोडक्ट्स अच्छे और समय सीमा के अंदर बनते हैं. इससे मैन्युफैक्चरिंग कंपनी की प्रोडक्टिविटी भी और बढ़ती है.

आपको इन क़दमों का भी ध्यान रखना पड़ेगा:

पहला कदम – एलिजिबिलिटी चेक करें: नए बिजनेस के लिए मशीनरी लोन के लिए अप्लाई करने से पहले ये देखें क्या वाकई आप उसके काबिल हैं. एलिजिबिलिटी का क्राइटेरिया साइट पर ही लिखा होता है, उसकी आपको अपनी मौजूदा स्थिति से तुलना करनी चाहिए.

दूसरा कदम – लोन एप्लिकेशन सब्मिट करें. जो लोन चाहिए, उसका एप्लिकेशन फॉर्म भरें. एप्लिकेशन भरने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है, जहां आपको अपने बिजनेस और खुद के बारे में जानकारी देनी होगी. ऑनलाइन फॉर्म्स भरने के बाद आपको सिर्फ एक बटन दबाना है.

तीसरा कदम – मंजूरी का इंतजार करें: एप्लिकेशन जमा करने के बाद आपको सिर्फ उसके मंजूर होने का इंतजार करना है. एप्लिकेशन की समीक्षा के बाद मंजूरी को प्रस्तावित किया जाएगा.

चौथा कदम – फंड हासिल करें: जब आपकी एप्लिकेशन मंजूर हो जाएगी तो आपको स्टार्टअप के लिए मशीनरी लोन मिल जाएगा, जिससे जरिए आप बिजनेस की प्रोडक्टिविटी बढ़ाकर व्यापार को विस्तार दे सकते हैं.

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