क्या होता है वर्किंग प्रोफेशनल लोन? जानिए इसके बारे में सब कुछ

वित्तीय संस्थान नौकरीपेशा पेशेवरों जैसे कंपनी सेक्रेटरी, डॉक्टरों, आर्किटेक्ट, चार्टेड अकाउंटेंट और स्वयं रोजगार वालों को कुछ तरह के लोन देते हैं. प्रोफेशनल्स के लिए लोन असुरक्षित की श्रेणी में आता है और इसमें कोई गारंटी नहीं देनी पड़ती.

चूंकि डिफॉल्ट रेश्यो इस तरह के लोन में बहुत कम होता है इसलिए वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए लोन में ज्यादा लोन राशि, जल्दी प्रोसेसिंग और कम ब्याज दर जैसी सुविधाएं होती हैं. इसकी अवधि 1-5 साल तक होती है लेकिन पेशेवर की मौजूदा तनख्वाह और भुगतान क्षमता के आधार पर लोन की राशि 30 लाख रुपये या उससे ज्यादा हो सकती है. क्वॉलिफिकेशन की बात करें तो कम से कम पोस्ट क्वॉलिफिकेशन का अनुभव इस लोन को लेने के लिए जरूरी है.

पेशेवरों के लिए लोन के फीचर्स

प्रोफेशनल लोन बिजनेस को आगे बढ़ाने, उपकरणों या सॉफ्टवेयर्स को अपग्रेड करने या फिर वैसे खास मामले जब क्लाइंट की ओर से पेमेंट में देरी हो गई हो या फिर रीम्बर्समेंट की प्रक्रिया काफी धीमी हो. उस कैश फ्लो के गैप को भरने के लिए इस्तेमाल में आता है.

आइए आपको वर्किंग प्रोफेशनल्स लोन के कुछ फीचर्स के बारे में बताते हैं
– यह एप्लिकेशन प्रोसेस के तीन दिनों में अप्रूव हो जाता है.
– लोन की वैल्यू कैलकुलेट करने के लिए बिजनेस का टर्नओवर, बिजनेस का नेट प्रॉफिट, कुल रसीदें और औसत बैंक बैलेंस की जरूरत पड़ती है.
– यह एक असुरक्षित लोन होता है इसलिए इसमें कोई गारंटी शामिल नहीं होती.
– यह हमारे करीबियों को भी सुरक्षा प्रदान करता है. अगर क्लाइंट की दुर्घटना या प्राकृतिक मौत होती है तो ग्राहक के नॉमिनी पेमेंट प्रोटेक्शन इंश्योरेंस ले सकते हैं, जिसमें कामकाजी पेशेवरों के लिए लोन की बकाया मूलधन  का लोन की अधिकतम राशि तक इंश्योरेंस होता है.
– लोन के पुनर्भुगतान के लिए आपको अन्य सेविंग्स के इस्तेमाल की जरूरत नहीं पड़ती.
– आप कानून के मुताबिक टैक्स छूट ले सकते हैं.
– यह पैकेज लोन और इंश्योरेंस का एक कॉम्बो है.

पेशेवरों के लिए विभिन्न प्रकार के लोन

डॉक्टरों के लिए प्रोफेशनल लोन: डॉक्टरी एक सम्मानजनक पेशा है और जरूरत के मुताबिक डॉक्टरों के लिए प्रोफेशनल लोन लाया गया है. मूल रूप से, चार तरह के लोन उपलब्ध हैं- बिजनेस लोन, होम लोन, पर्सनल लोन और प्रॉपर्टी के एवज में लोन. ये लोन डॉक्टरों और मेडिकल पेशेवरों को बिना कोई सिक्योरिटी मांगे दिए जाते हैं. इस लोन की अवधि 12 से 60 महीने तक होती है.

लोन विभिन्न मकसदों के लिए दिए जाते हैं, जैसे ऑफिस के सामानों की खरीद, एम्बुलेंस या कार खरीदना, ऑपरेशन थियेटर बनाना आदि.

इंजीनियर्स के लिए प्रोफेशनल लोन: नौकरीपेशा इंजीनियरों या स्वयं नियोजित इंजीनियरों की जरूरतों को पूरा करने में यह प्रोफेशनल लोन मदद करता है. मासिक आय वाले इंजीनियर्स को 25 लाख रुपये जबकि स्वयं नियोजित इंजीनियरों को कॉरपोरेट जरूरतों को पूरा करने के लिए 15 लाख रुपये का लोन दिया जाता है. आपको सिर्फ इस्तेमाल की हुई राशि पर ब्याज देना है, लिहाजा इससे आपकी ईएमआई 45 प्रतिशत तक कम हो जाएगी.

प्रोफेशनल लोन की ब्याज दरें: प्रोफेशनल लोन की ब्याज दरें 11.25 प्रति वर्ष से लेकर 20 प्रतिशत प्रति वर्ष या उससे ज्यादा होती है. यह प्रोफेशनल की क्रेडिट हिस्ट्री, संचालन में वर्षों की संख्या, सालाना कारोबार, राजस्व, फायदा, बैंकों या एनबीएफसी कुछ दिशा-निर्देश पर पेशेवरों को लोन की पेशकश करते हैं.

कामकाजी पेशेवरों के लिए क्या है एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया

– पिछले दो साल से बिजनेस चल रहा हो.
– आवेदक की उम्र 25 साल होनी चाहिए और लोन मैच्योरिटी के वक्त उम्र 65 साल से ज्यादा न हो.
– जो बिजनेसमैन अपना बिजनेस बढ़ाने के लिए लोन लेना चाहते हैं, उन्हें 1 लाख प्रति वर्ष की न्यूनतम सालाना आय दिखानी होगी.
– डॉक्टर, चार्टेड अकाउंटेंट, आर्किटेक्ट, कंपनी सेक्रेटरी और जो लोग कंसल्टिंग या सेल्फ प्रैक्टिस में हैं.
– सीए या डॉक्टर के लिए क्वॉलिफिकेशन करने के बाद शख्स के पास कम से कम 4 साल का एक्सपीरियंस होना चाहिए. वहीं आर्किटेक्ट्स और सीए के लिए 5 वर्ष का एक्सपीरियंस चाहिए.

कामकाजी पेशेवरों द्वारा लोन लेने के लिए जरूरी दस्तावेज: कामकाजी पेशेवरों द्वारा लोन लेने के लिए कुछ न्यूनतम दस्तावेज देने होंगे, जिससे आपकी लोन एप्लिकेशन प्रक्रिया और आसान हो जाएगी और फंड आसानी से वितरित हो जाएगा. आपको ये दस्तावेज देने होंगे:

– पैन कार्ड
– पासपोर्ट
– वोटर आईडी
– ड्राइविंग लाइसेंस
– ऊच्च पेशेवर डिग्री का सबूत
– पिछले 6 महीने का बैंक स्टेटमेंट
– आधार कार्ड
– अपडेटेड आईटीआर और आय की गणना, जिसमें बैलेंस शीट के साथ-साथ पिछले दो साल का प्रॉफिट और लॉस खाते का ऑडिट, जो किसी सर्टिफाइड सीए द्वारा कराया गया हो.
– जारी रखने का प्रमाण (इस्टैब्लिशमेंट, ट्रेड लाइसेंस, आईटीआर, सेल्स टैक्स सर्टिफिकेट)
– अन्य जरूरी दस्तावेज

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