प्रॉपर्टी के एवज में लोन अप्लाई करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

ऐसे कई मौके आते हैं, जब लोगों को पैसों की कमी पड़ जाती है. ऐसे वक्त में दोस्तों या रिश्तेदारों के पास जाने की बजाय आपको प्रॉपर्टी के एवज में लोन लेना चाहिए, जो बेहद आसान और सुरक्षित है. क्या यह जानना सुखद नहीं है कि आसरा देने के अलावा हमारा घर हमें मुश्किल स्थितियों से भी बचाता है? आपकी प्रॉपर्टी एक असेट है, जो आपात समय में इस्तेमाल की जा सकती है.

प्रॉपर्टी के एवज में लोन के साथ आप न सिर्फ अपनी प्रॉपर्टी में रह सकते हैं बल्कि इसके और भी कई फायदे हैं. आज के दौर में आप इस लोन को तब तक ले सकते हैं, जब तक आपमें चुकाने की क्षमता है. जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है इस तरह के लोन सुरक्षित होते हैं और आपको काफी लोन राशि मिल जाती है. आइए अब आपको कुछ अहम बातों से रूबरू कराते हैं, जो प्रॉपर्टी के एवज में लोन लेने से पहले आपको मालूम होनी चाहिए.

अपनी प्रॉपर्टी की वैल्यू की पहचान करें

जगह, बिल्डर का नाम, साइज, सुविधा, रिहायशी या कमर्शियल बिल्डिंग, वह कितनी पुरानी है के आधार पर हर प्रॉपर्टी की बाजार में एक वैल्यू होती है. वहीं प्रॉपर्टी की सटीक वैल्यू जानना भी उतना ही जरूरी है ताकि जब आप उसे गिरवी रखें तो जितना आपने सोचा था, उतना ही लोन मिले. प्रॉपर्टी की मौजूदा वैल्यू के आधार पर ही आपको लोन मिलेगा, अतीत या संभावित मूल्य पर नहीं. यह अच्छा होगा अगर आपकी अच्छे इलाके में प्रॉपर्टी है क्योंकि यह आपको तेजी से लोन दिलाने में मदद करेगा.

एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया की पहचान करें

दोनों ही तरह के लोग- नौकरीपेशा और खुद के रोजगार वाले प्रॉपर्टी के एवज में लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं. इसकी प्रक्रिया हर कर्जदाता की अलग-अलग होती है और मुख्यत: आपकी क्रेडिट हिस्ट्री, प्रॉपर्टी वैल्यू, डॉक्युमेंटेशन और आय पर निर्भर करती है. प्रॉपर्टी के एवज में लोन के एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया में कई फैक्टर्स शामिल होते हैं जैसे आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए. उसकी उम्र 21 साल होनी चाहिए. वह अपने बिजनेस में काम कर रहा हो. उसकी एक निश्चित आय हो और ईएमआई व कार्ड बिल के भुगतान का उसका अच्छा रिकॉर्ड हो.

प्रॉपर्टी के एवज में लोन के लिए जरूरी दस्तावेज

यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि आपके पास प्रॉपर्टी से जुड़े सारे दस्तावेज, निजी जानकारियां और आय हो. प्रॉपर्टी के एवज में लोन के लिए ये दस्तावेज चाहिए:

नौकरीपेशा वालों के लिए:
– रिहायश और पहचान का सबूत (आधार कार्ड, वोटर आईडी)
– पिछले तीन महीने की सैलरी स्लिप
– मौजूदा कंपनी द्वारा जारी फॉर्म 14
– सैलरी अकाउंट के पिछले 6 महीने के बैंक स्टेटमेंट
–  आवेदन की प्रोसेसिंग में बैंक की ओर से जमा की गई प्रोसेसिंग फीस /एडमिनिस्ट्रेटिव फीस सहित एक चेक.

खुद के रोजगार वाले व्यापारी
– निवास प्रमाण और पहचान पत्र
– शैक्षिक योग्यता प्रमाण पत्र
– पिछले तीन वर्षों के आईटी रिटर्न
– पिछले छह महीनों के बैंक स्टेटमेंट

खुद के रोजगार वाले पेशेवर
– पहचान और निवास प्रमाण
– प्रमाण पत्र जो आवेदक की शैक्षणिक योग्यता/साख को प्रमाणित करते हैं
– आवेदक के पेशे से संबंधित सभी पंजीकरण /लाइसेंसिंग प्रमाण पत्र
– वर्तमान व्यापार प्रमाण
– पिछले तीन वर्षों की शेष राशि और साथ ही कंपनी के प्रॉफिट और लॉस का विवरण
– पिछले तीन वर्षों के लिए कंपनी और संबंधित शख्स के इनकम टैक्स स्टेटमेंट – पिछले 6 महीनों का बैंक स्टेटमेंट

कई कर्जदाताओं और उनकी ब्याज दरों की तुलना करें

आपको दो या उससे ज्यादा कर्जदाताओं की ब्याज दरों की तुलना करनी चाहिए और देखना चाहिए कि आपकी जरूरतों और प्रॉपर्टी के एवज में सबसे कम ब्याज दरों पर कौन लोन दे रहा है. इसके अलावा लोन लेने से पहले प्रोसेसिंग फीस, प्री-पेमेंट देयता और कोई अन्य शुल्क क्या हैं, ये चेक कर लें.

साथ ही प्रॉपर्टी के कागजात खो जाने के मामले में बैंक की देयता जांच लें क्योंकि जब तक पूरा कर्ज आप नहीं चुकाएंगे कागजात कर्जदाता के पास ही रहेंगे. किसी भी दस्तावेज पर दस्तखत करने से पहले मोलभाव और समीक्षा जरूर करें.

कितना लोन चाहिए, अनुमान लगा लें

दिमाग में मोटा-मोटी एक अनुमान लगा लें कि आपको कितनी राशि का लोन चाहिए. उदाहरण के तौर पर अगर आपको ऑफिस स्पेस के लिए फंड की जरूरत है तो इंटीरियर्स या जरूरी उपकरण के लिए लागत जोड़ते समय चुनी गई संपत्ति की कीमत तय करें. साथ ही अपनी वित्तीय जरूरतों पर ध्यान दें क्योंकि इससे आपको अपने वित्त की समीक्षा करने और एक लोन राशि चुनने में मदद मिलेगी, जो आपकी अपेक्षाओं और वित्तीय स्थिति को पूरा करती हो.

कई बार बतौर व्यक्ति रिहायशी, कमर्शियल, इंडस्ट्रियल या किसी अन्य मकसद के लिए सही कर्जदाता चुनना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है.

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