कोरोना वायरस की मार के बीच खुद को पैसों की कमी से कैसे बचाएं

केंद्र, राज्य और स्थानीय प्रशासन कोरोना वायरस या कोविड-19 जैसी जानलेवा महामारी से लड़ने की हर मुमकिन कोशिश कर रहे हैं. देशभर में इस महामारी के मरीज बढ़ते जा रहे हैं. साथ ही बिजनेस, स्कूल्स, सार्वजनिक सुविधाओं और समारोह अस्थायी तौर पर बंद हो गए हैं या फिर कुछ मामलों में क्वारंटीन कर दिए गए हैं. ये कदम इसलिए उठाए गए हैं ताकि इस महामारी के कहर को कम किया जा सके. लेकिन इससे कई लोगों के लिए पैसों की तंगी की समस्या भी खड़ी हो गई है. कई लोगों का पैसा बीमारी या फिर दफ्तर बंद होने से नहीं मिल रहा है.

जैसा कि आप कोरोना वायरस के संभावित प्रभाव से बचने के लिए योजना बना रहे हैं वैसे ही ऐसे कई चरण हैं जिनके जरिए आप खुद और अपने परिजनों को कम या लंबी अवधि के दौरान पैसों की तंगी होने से बचा सकते हैं.

अगर पैसों की कमी है या बिल्स नहीं चुका पा रहे तो उठाएं ये कदम

अगर आपको बिल या लोन भुगतान करने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है तो मदद के लिए आपके पास कई विकल्प हैं, खासकर अगर आप कर्जदाताओं के पास जल्दी चले जाएं.

अपने कर्जदाताओं और लोन सर्विसेज से बात करें:

अगर आप वक्त पर बिल नहीं भर पा रहे हैं तो अपने कर्जदाताओं और सर्विसेज को अपनी स्थिति के बारे में बताएं. पेमेंट में चूक से आपके क्रेडिट पर असर लंबे समय तक रहेगा. कंज्यूमर फाइनेंशियल प्रोटेक्शन ब्यूरो (CFPB) और अन्य वित्तीय नियामक ने वित्तीय संस्थानों को अपने ग्राहकों के साथ काम करने और उनकी जरूरतें पूरी करने को कहा है.

क्रेडिट कार्ड कंपनियां और कर्जदाता मदद के लिए आपको कई विकल्प मुहैया करा सकते हैं. इसमें कई शुल्क जैसे एटीएम, ओवरपेमेंट्स, लेट फीस शामिल हैं. हो सकता है वे आपको कुछ पेमेंट छोड़ने, देरी से चुकाने या एडजस्ट करने के विकल्प भी दे दें.

जब आप कर्जदाताओं से संपर्क करें तो इन बातों का जवाब देने को तैयार रहें:

– अपनी स्थिति
– आप कितना वहन कर सकते हैं
– कब आप अपनी नियमित पेमेंट्स दोबारा शुरू कर पाएंगे.
– गिरवी रखने के मामले में अपनी इनकम, खर्चे और संपत्ति पर चर्चा जरूर कर लें.

अगर ऑटो लोन के भुगतान में दिक्कत आ रही हो तो?

आपके कर्जदाताओं के पास कई विकल्प होते हैं, जिसके जरिए वे आपकी मदद कर सकते हैं. हमारी सलाह में अपनी भुगतान की तारीख, पेमेंट प्लान और पेमेंट विस्तार किया जा सकता है.

अगर आपका स्टूडेंट लोन चल रहा है तो?

आप देर से भुगतान कर सकते हैं या फिर कम भुगतान का विकल्प चुन सकते हैं. याद रहे कि भले ही अब आपको भुगतान करने की जरूरत नहीं है, फिर भी ब्याज लगना जारी रहेगा और आपको आखिर में ये राशि जमा करनी होगी. अपने स्टूडेंट लोन प्रोवाइडर से मदद मांगें ताकि वह आपको विकल्पों से रूबरू कराए. अगर आपका फेडरल स्टूडेंट लोन है तो सर्विस देने वाले से भुगतान के अन्य विकल्पों पर बात करें.

अपने विकल्पों को समझने के लिए क्रेडिट और हाउसिंग काउंसलर्स के साथ काम करें:

ये अनुभवी पेशेवर होते हैं, जो मुफ्त या कुछ पैसे लेकर आपको सलाह देते हैं. वे आपके साथ काम करते हैं, स्थिति को समझते हैं, विकल्प खंगालते हैं और आपके कर्जदाताओं और सर्विसेज से मोलभाव भी करते हैं.

HUD-अप्रूव्ड हाउसिंग काउंसलर्स: अगर आपको गिरवी ऋण या रिवर्स मॉर्गेज लोन चुकाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है तो द यूएस डिपार्टमेंट ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन डेवेलपमेंट (HUD) से मान्यता प्राप्त हाउसिंग काउंसलर्स आपके साथ विकल्पों पर चर्चा कर सकते हैं. इसमें निषेध या संशोधित भुगतान कार्यक्रम भी शामिल हो सकता है.

क्रेडिट काउंसलर्स: नामी क्रेडिट काउंसलिंग संस्थाएं आम तौर पर गैर-लाभकारी संस्थाएं होती हैं जो आपको पैसों और कर्ज के बारे में सलाह देती हैं और बजट पर मदद करती हैं. कई आपको क्रेडिटर्स के साथ मोलभाव करने में भी मदद करते हैं. काम करने के लिए एक क्रेडिट काउंसलिंग ऑर्गनाइजेशन खोजने में मदद करने के लिए खास सवाल हैं.

अपनी क्रेडिट रिपोर्ट चेक करें:

अगर आप भुगतान सहायता कार्यक्रमों या प्रतिबंधों पर उधारदाताओं के साथ काम कर रहे हैं तो यह सुनिश्चित कर लें कि विवरण सही हैं और किसी भी तरह की गलत रिपोर्ट नहीं की गई है. इसके लिए अपने क्रेडिट रिपोर्ट की नियमित जांच करें. आपकी क्रेडिट रिपोर्ट्स और स्कोर भविष्य में आपको वित्तीय मौके दिलाने में अहम भूमिका निभाते हैं.

अगर आपकी आय न रहे तो?

हर राज्य और उसके स्थानीय प्रशासन की कोरोना वायरस से आर्थिक रूप से प्रभावित लोगों की मदद के तरीके अलग-अलग हो सकते हैं. बूढ़े लोग कोरोना वायरस के शिकार ज्यादा जल्दी होते हैं और क्वारंटीन की प्रक्रिया भी आम लोगों के मुकाबले अलग होती है. जिन वरिष्ठ लोगों को वित्तीय सहायता की जरूरत होती है उनके लिए सरकारी सुविधाएं उपलब्ध हैं.

स्कैम करने वालों से रहें सावधान

आपातकाल या प्राकृतिक आपदा के वक्त में धोखाधड़ी करने वाले लोगों को ठगने के मौके ढूंढते हैं. इसलिए ई-मेल, एसएमएस और सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर सावधान रहें, जिनमें नकली उत्पादों या कोरोना वायरस के मामलों को लेकर जानकारी हो.

वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षित रखें

धोखधड़ी करने वाले अकसर बुजुर्गों को ही निशाना बनाते हैं क्योंकि उनके पास ज्यादा संपत्ति और रिटायरमेंट फायदों के रूप में नियमित आय होती है. उनके पास सेविंग्स भी काफी होती है. वे आराम से बात करते हैं और आसानी से भरोसा भी कर लेते हैं. चूंकि बुजुर्गों को बीमार पड़ने का खतरा ज्यादा है इसलिए वे खुद को आइसोलेट भी कर सकते हैं.

सोशल आइसोलेशन पहले से ही बुजुर्गों के लिए मुद्दा है और इससे कई और मुद्दे पैदा हो सकते हैं, जिनमें वे धोखाधड़ी के शिकार हो सकते हैं. वायरस से बचाव की रणनीति जैसे सोशल डिस्टेंसिंग और क्वारंटीन के जरिए भी धोखाधड़ी में इजाफा हो सकता है. ऐसे मुश्किल वक्त में, जब स्वास्थ्य अधिकारी  सीमित संपर्क को बढ़ावा दे रहे हैं, फोन कॉल और वीडियो चैट्स बुजुर्गों को अपने परिवार से जुड़े रहने में मदद कर सकती है.

बुजुर्गों और उनके परिवारों को धोखाधड़ी को लेकर भी सतर्क रहना चाहिए. अगर उनके पास ऐसी कोई कॉल आती है तो उसकी शिकायत करनी चाहिए.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*