पर्सनल लोन पर आप पा सकते हैं टैक्स छूट, जानिए कैसे

इंस्टेंट पर्सनल लोन ऐसा तरीका है, जिसके जरिए इमरजेंसी में फंड हासिल किया जा सकता है. चाहे वो उच्च शिक्षा हो, ड्रीम वेडिंग हो, वेकेशन हो या मेडिकल इमरजेंसी, पर्सनल लोन इन सभी समस्याओं का हल है. आसान एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया होने की वजह से नौकरीपेशा और खुद का रोजगार करने वाले लोगों के लिए पर्सनल लोन फंड हासिल करने का आसान स्रोत है. लेकिन कई ग्राहक यह नहीं जानते कि वे पर्सनल लोन पर टैक्स छूट भी पा सकते हैं. आइए आपको बताते हैं कि आप कैसे पर्सनल लोन पर टैक्स छूट का फायदा ले सकते हैं.

भारत में पर्सनल लोन पर टैक्स छूट

हालांकि, भारत में आयकर अधिनियम के तहत पर्सनल लोन पर कोई सीधी कटौती नहीं होती. लेकिन अन्य लोन जैसे होम लोन, एजुकेशन लोन और बिजनेस लोन पर टैक्स बेनिफिट होते हैं. अगर आप बिजनेस में विस्तार, संपत्ति खरीदने, घर निर्माण या खरीद के लिए पर्सनल लोन लेते हैं तो आयकर अधिनियम के तहत कुछ टैक्स बेनिफिट मिलते हैं.

बिजनेस इन्वेस्टमेंट के लिए पर्सनल लोन

अगर आप पर्सनल लोन की राशि का इस्तेमाल बिजनेस में करना चाहते हैं जैसे प्रॉपर्टी के अलावा कोई असेट खरीदना तो पर्सनल लोन पर भुगतान किया गया ब्याज लागत के अधिग्रहण में जोड़ा जाएगा. इसे एक खर्च के तौर पर क्लेम किया जा सकता है, जो कैपिटल गेन्स को कम कर देगा. नतीजन, यह आपकी टैक्स देयता को कम कर देगा. हालांकि कितनी राशि पर दावा किया जा सकता है, इसकी कोई सीमा नहीं है.

रिहायशी संपत्ति के निर्माण या खरीद के लिए पर्सनल लोन

अगर आप रिहायशी संपत्ति के निर्माण या खरीद के लिए पर्सनल लोन लेना चाहते हैं तो आप आयकर अधिनियम 1961 के सेक्शन 24 के तहत पर्सनल लोन के ब्याज भुगतान पर टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं.  अगर संपत्ति में खुद रह रहे हैं तो इस सेक्शन के तहत 2 लाख रुपये की टैक्स छूट का लाभ ले सकते हैं. अगर सालाना कटौती 2 लाख रुपये से ज्यादा है तो आप छूट का दावा नहीं कर पाएंगे. लेकिन अगर आपने किसी को घर किराये पर दिया है तो आप टैक्सेबल इनकम से छूट के रूप में पर्सनल लोन पर दिए गए कुल ब्याज का दावा कर सकते हैं. लेकिन आपको सभी दस्तावेज दिखाने होंगे कि लोन की राशि का इस्तेमाल आपने घर के रेनोवेशन, खरीद या निर्माण में किया है, तभी आप टैक्स छूट का दावा कर पाएंगे.

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असेट्स में निवेश के लिए पर्सनल लोन

आप गैर-आवासीय सहित संपत्ति, जूलरी, शेयरों की खरीद पर पर्सनल लोन पर टैक्स छूट हासिल कर सकते हैं. भुगतान किए गए ब्याज की लागत को अधिग्रहण में जोड़ा जाएगा और उसी साल में कटौती का दावा नहीं किया जा सकता. लेकिन जब आप संपत्ति को बेचते हैं तो आप टैक्स छूट क्लेम कर सकते हैं.

रोजमर्रा की जिंदगी में पैसों की कमी को दूर करने के लिए पर्सनल लोन एक बेहतरीन विकल्प है. इसे तय रणनीति के तहत टैक्स सेविंग्स के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है. पर्सनल लोन लेने वालों को यह जरूर ध्यान रखना चाहिए कि टैक्स कटौती सिर्फ ब्याज भुगतान पर ही की जा सकती है या फिर लोन ऊपर बताए गए मकसदों के लिए इस्तेमाल हुआ हो.

क्यों लेना चाहिए पर्सनल लोन?

पर्सनल लोन कई फायदों के साथ आता है और पैसों की तंगी के समय इसे लेना एक अच्छा फैसला माना जाता है.

मल्टीपर्पस लोन: होम लोन या कार लोन जैसे सुरक्षित लोन से इतर पर्सनल लोन किसी खास मकसद या स्थिति की पाबंदी से नहीं बंधा है. आप इसे किसी भी मकसद के लिए     जैसे उच्च शिक्षा, ट्रांसपोर्टेशन, बड़ी खरीद, किराये इत्यादि के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं.
किफायती ब्याज दरें: अब मार्केट में लोन देने वाले कई कर्जदाता मौजूद हैं. वहीं पर्सनल लोन की ब्याज दरें भी किफायती हैं. इसकी शुरुआत न्यूनतम 10.75 प्रति वर्ष से हो         जाती है. अगर आप योग्यता के पैमानों पर खरे उतरते हैं और सभी दस्तावेज भी मौजूद हैं तो आप न्यूनतम दरों पर पर्सनल लोन हासिल कर सकते हैं.
आसानी से ले सकते हैं: पर्सनल लोन के लिए काफी कम दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है. फाइनेंस में टेक्नोलॉजी के आ जाने से अब पर्सनल लोन पाना काफी आसान हो गया       है. आप बुनियादी जानकारी और घर बैठे ही ऑनलाइन दस्तावेज जमा कर पर्सनल लोन हासिल कर सकते हैं.
लचीली लोन अवधि: कर्जदाता लोन चुकाने के लिए ग्राहकों को 12 से 60 महीनों की लचीली अवधि देते हैं.  अगर आप समय से पहले ही लोन चुका देते हैं तो कई कर्जदाता    आपसे प्रीपेमेंट फीस या फोरक्लोजर चार्जेज भी नहीं वसूलते.
तुरंत लोन वितरण: दस्तावेजों के वेरिफिकेशन के बाद कुछ ही घंटों में लोन बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया जाता है.

सभी बैंक या एनबीएफसी (नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनीज) पर्सनल लोन ऑफर करते हैं. हर कर्जदाता के ब्याज दर, योग्यता और एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया एक-दूसरे से अलग होते हैं और आपको पर्सनल लोन अप्लाई करने से पहले पर्सनल लोन के नियम व शर्तों की तुलना कर लेनी चाहिए.

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