बिजनेस लोन के विकल्पों की तुलना करते हुए इन बातों का रखें ध्यान

Business Loans Comparison

बिजनेस में जरूरतें वक्त-वक्त पर आती रहती हैं, जिसका मतलब है कि आप कर्ज बढ़ाने के बारे में सोच रहे हैं. इसके लिए आपके पास काफी विकल्प मौजूद हैं. विभिन्न फैक्टर्स जैसे पर्सनल क्रेडिट स्कोर, सालाना राजस्व और फंडिंग के लिए जरूरी वक्त, ये वो सभी बातें हैं जिन पर बिजनेस लोन देने से पहले एनबीएफसी और बैंक विचार करते हैं.

आपका वक्त बचाने के लिए हम आपको कुछ बातों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो बिजनेस लोन विकल्पों की तुलना के समय आपको याद रखनी चाहिए.

अपना क्रेडिट स्कोर पता करें

कुछ कर्जदाता निजी गारंटी भी मांगते हैं. इसलिए वे पर्सनल क्रेडिट चेक भी करते हैं, यह सुनिश्चित करने के लिए कि अगर बिजनेस फेल होता है तो क्या आप पैसे चुकाने के काबिल हैं. अगर आपका क्रेडिट स्कोर शानदार है तो आपके पास चुनने के लिए कई विकल्प हैं. लेकिन अगर आपका क्रेडिट स्कोर खराब है तो आपको कर्ज देने के लिए गिने-चुने कर्जदाता ही तैयार होंगे.

लाइन ऑफ क्रेडिट और बिजनेस लोन्स पर विचार करें

सही प्रकार के लोन को ढूंढते वक्त यह सुनिश्चित करना न भूलें कि आपको लाइन ऑफ क्रेडिट की जरूरत है या उधार लेने के लिए एकमुश्त राशि की. बिजनेस लोन योग्यता के मुताबिक, आपको इन दोनों में से कोई एक ही मिल सकता है लेकिन लाइन ऑफ क्रेडिट आपको उधार लेने के काबिल बनाती है इसका मतलब हो सकता है कि छोटी राशि का लोन लेना, वो भी कम ब्याज दरों पर. आवेदक को अंतिम निर्णय पर पहुंचने से पहले दोनों ही विकल्पों पर ध्यान देना चाहिए:

बिजनेस लोन की जरूरतों को समझें

हर बिजनेस लोन दूसरे से अलग होता है. यह पूरी तरह से व्यक्ति की जरूरतों पर निर्भर करता है, चाहे वह शॉर्ट टर्म फाइनेंसिंग हो, लॉन्ग टर्म कैपिटल हो, बड़ी खरीद हो या नकदी की कमी को दूर करने के लिए शॉर्ट टर्म कैश.

रेटिंग्स और रिव्यू

बिजनेस लोन चुनने के लिए हमेशा थर्ड पार्टी द्वारा दी गई रेटिंग और रिव्यूज को देखें. यह आपको बेहतर चुनने में मदद करेगा. A++ रेटिंग्स को तवज्जो देनी चाहिए. इसके अलावा, विभिन्न वेबसाइट्स पर लोन रिव्यू और ग्राहकों के अनुभव पर विचार करना चाहिए.

अपफ्रंट फीस की जांच करें

विभिन्न तरह के बिजनेस लोन कई तरह के शुल्क लगाते हैं जिसमें ओरिजिनेशन फीस भी शामिल होती है. बिजनेस लोन्स के पीछे आमतौर पर छोटे बिजनेस प्रशासन का सहारा होता है. इसलिए लोन राशि के प्रतिशत के आधार पर गारंटी शुल्क की मांग करता है. सुनिश्चित करें कि आप उस शुल्क को समझते हैं, जिसे आपसे लिया जा रहा है तभी आप एक बेहतर फैसला ले सकते हैं.

बिना पेनाल्टी के समय से पहले चुका दें लोन

सबसे अहम बात कि आप एक फीस कभी देना नहीं चाहेंगे और वो है प्री-पेमेंट पेनाल्टी. इस तरह की फीस कुछ लोन्स पर लगाई जा सकती है, अगर आप उसे जल्दी चुका देते हैं. लेकिन जिम्मेदार भुगतान पर इसे नहीं लगाया जाना चाहिए. यह सलाह दी जाती है कि छोटे बिजनेस कर्जदाता को चुनें, जो आपको बिना पेनाल्टी के लोन जल्दी चुकाने की सुविधा दे. इस तरीके से आप जल्दी चुका पाएंगे और यह आपके लिए फायदेमंद भी रहेगा.

कितने तरह के बिजनेस लोन होते हैं?

वर्किंग कैपिटल लोन: यह लोन तब लिया जाता है, जब कंपनी के पास व्यापार के रोजमर्रा के ऑपरेशन्स के लिए पर्याप्त कैश नहीं होता. अनियमित नकदी प्रवाह या फिर कैश की कमी से निपटने का यह सबसे बेहतर तरीका है. इसके लिए कोई चीज गारंटी के तौर पर भी नहीं रखनी पड़ती.

ओवरड्राफ्ट लोन: बिजनेस लोन काफी हद तक गारंटी, कैश फ्लो, क्रेडिट हिस्ट्री, बैंक से रिश्ते की अवधि और संबंधित बिजनेस की रीपेमेंट हिस्ट्री पर निर्भर होते हैं. ओवरड्राफ्ट राशि और ब्याज दर सीमा के मुताबिक लगाई जाती है. जब तक ब्याज और मूलधन समय पर चुकाया जा रहा हो, इस लोन का इस्तेमाल किसी की पसंद के मुताबिक किया जा सकता है.

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