पर्सनल लोन के लिए कर्जदाता को फाइनल करने से पहले इन चीजों की करें तुलना

पर्सनल लोन कर्जदाता

कम दस्तावेज, तुरंत अप्रूवल, असुरक्षित प्रकृति और इस्तेमाल पर कोई बंदिश नहीं. यही सब बातें पैसों की कमी से जूझ रहे लोगों को पर्सनल लोन में पसंद आती हैं. आसानी से लोन मिलने से ग्राहक काफी प्रभावित होते हैं और वे कुछ ऐसे जरूरी पहलुओं को नजरअंदाज कर देते हैं, जो उनकी बेस्ट डील पाने में मदद कर सकते हैं. पर्सनल लोन कर्जदाता चुनने के लिए आपको पर्सनल लोन की ब्याज दरें, एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया, रीपेमेंट अवधि, ईएमआई विकल्प, प्रोसेसिंग चार्जेज और प्रीपेमेंट/फोरक्लोजर चार्जेज की तुलना करनी चाहिए.

कैसे चुने पर्सनल लोन कर्जदाता

ब्याज दरें

ब्याज दरें पूरी लागत, किस्त की राशि और पर्सनल लोन के पुनर्भुगतान अवधि पर असर डालती हैं. विभिन्न बैंक और एनबीएफसी (नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां) प्रतिस्पर्धी ब्याज दरों पर 10.50-27 प्रतिशत की रेंज में लोन देते हैं. इसलिए जरूरी है कि सभी की ब्याज दरों की तुलना की जाए. आपको ऐसे कर्जदाता को चुनना चाहिए जो आपकी जरूरत और एलिजिबिलिटी के मुताबिक किफायती ब्याज दरों पर लोन दे.

एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया

योग्यता में आपकी उम्र, क्रेडिट स्कोर, सैलरी/इनकम, रोजगार की स्थिति और कई बार ग्राहक की जिस शहर में रिहाइश है, वह शामिल होता है. हर कर्जदाता का अपना एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया होता है. कुछ कर्जदाता कम आय वाले आवेदकों को भी लोन देने के लिए तैयार हो जाते हैं, जबकि कुछ सिर्फ ज्यादा तनख्वाह वालों को ही तवज्जो देते हैं. नौकरीपेशा लोगों के लिए पर्सनल लोन पाने की न्यूनतम उम्र 21 साल है. लेकिन ऐसे भी कर्जदाता हैं, जो 25 साल की उम्र वाले लोगों को ही पर्सनल लोन देते हैं.

लोन की राशि

हर कर्जदाता अलग-अलग लोन की राशि देता है. इसकी रेंज 50 हजार रुपये से लेकर 30 लाख रुपये तक होती है. लोन की अवधि कितनी होगी, यह आपकी उम्र और भुगतान की क्षमता पर निर्भर करता है. आपको विभिन्न कर्जदाताओं के न्यूनतम और अधिकतम लोन राशि की तुलना करनी चाहिए. आपकी एलिजिबिलिटी और जरूरतों के आधार पर ऐसे कर्जदाता के पास जाएं जो आपको अनुकूल शर्तों पर लोन दे.

भुगतान अवधि

यह वो अवधि होती है, जिसमें आपको लोन की राशि ब्याज सहित चुकानी पड़ती है. भुगतान अवधि हर कर्जदाता अलग-अलग तय करता है. आमतौर पर, आपको पर्सनल लोन 12-60 महीने की लचीली अवधि में मिल जाएगा. यह जरूरी है कि आप विभिन्न कर्जदाताओं की भुगतान अवधि की तुलना कर लें ताकि अपनी सहूलियत के हिसाब से सही अवधि चुन सकें.

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प्रोसेसिंग चार्जेज

प्रोसेसिंग चार्ज एक ऐसा शुल्क है जो आपको बैंकों या एनबीएफसी को चुकाना पड़ता है, जिसके लिए आपको क्रेडिट चेक, डॉक्युमेंटेशन और अंडरराइटिंग के लिए पर्सनल लोन मिलता है. यह फीस एक बार चुकानी होती है और यह आपकी लोन राशि से ही कटती है. आमतौर पर प्रोसेसिंग फीस पर्सनल लोन एप्लिकेशन मंजूर होने के बाद ही चुकानी पड़ती है.

प्राइवेट लोन के लिए कर्जदाता प्रिंसिपल लोन अमाउंट + GST का 0.50% से लेकर 5% तक प्रोसेसिंग फीस लेते हैं. चूंकि प्रोसेसिंग फीस पर्सनल लोन की लागत के सबसे अहम हिस्सों में से एक है, इसलिए आपको पर्सनल लोन के लिए आवेदन करने से पहले प्रोसेसिंग फीस की तुलना करनी चाहिए.

प्रीपेमेंट या फोरक्लोजर चार्जेज

पर्सनल लोन प्रीपेमेंट या फिर फोरक्लोजर चार्ज वो फीस होती है, जो आप कर्जदाता को तब चुकाते हैं, जब आप लोन अवधि खत्म होने से पहले ही पूरी या कुछ राशि चुकाते हैं. हर कर्जदाता की अपनी प्रीपेमेंट पॉलिसी होती है. कुछ कर्जदाताओं का लॉक-इन पीरियड होता है जैसे 6 महीना या एक साल, जिसमें अवधि खत्म होने से पहले की गई कोई भी पेमेंट पर प्रीपेमेंट चार्ज लगता है. वहीं कुछ कर्जदाता ऐसे होते हैं, जो भुगतान की अवधि की शुरुआत से ही ग्राहकों पर कोई प्रीपेमेंट या फोरक्लोजर चार्ज नहीं लगाते.

लिहाजा, आपको विभिन्न कर्जदाताओं की प्रीपेमेंट फीस की तुलना कर लेनी चाहिए. अगर आप सोचते हैं कि भविष्य में किसी भी वक्त आप लोन चुका देंगे तो आपको ऐसे पर्सनल लोन के लिए अप्लाई करना चाहिए, जिसमें कोई प्रीपेमेंट चार्ज न लगे. प्रीपेमेंट चार्जेज बकाया राशि के प्रतिशत पर आधारित होते हैं.

आपको फंड लेने में आसानी के प्रलोभन में नहीं पड़ना चाहिए. पहले ब्याज दरों, एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया, ईएमआई, फोरक्लोजर चार्जेज आदि जैसी सुविधाओं की तुलना करें. दरों, नियमों व शर्तों की तुलना करके आप ब्याज दर के रूप में बहुत सारे पैसे बचा सकते हैं. साथ ही रिजेक्शन से बचें और लोन राशि मंजूर होने के बाद उत्पीड़ित होने की स्थिति पैदा न होने दें.

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