सही बिजनेस लोन कैसे चुनें, ये हैं तीन जरूरी टिप्स

अगर आप एक सफल बिजनेसमैन बनना चाहते हैं या फिर मौजूदा बिजनेस को कामयाब बनाना चाहते हैं तो व्यापार के लिए फंड जुटाना भी मुनाफेदार बिजनेस को शुरू करने जितना ही जरूरी है.

इसके कई कारण हैं कि क्यों छोटे व्यापार के लिए फंडिंग की जरूरत पड़ती है. कुछ कारण हैं- नई मशीनरी खरीदना, स्टाफ को पैसे देना, फैक्ट्री लगाने के लिए जमीन खरीदना, ऑफिस की जगह लेना. मौजूदा बिजनेस के विस्तार और कर्ज को कम करने के लिए भी इसे लिया जा सकता है.

जब आप बिक्री कर रहे होते हैं, उस वक्त भी आपको ज्यादा फंड की जरूरत पड़ती है. कैश फ्लो बनाए रखने और कर्मचारियों को सैलरी देने के लिए आपको पैसों की जरूरत पड़ेगी. तो आपको कहां से फंड मिलेगा? भारत में छोटे बिजनेस लोन का एक बड़ा बाजार है. भारत में छोटे व्यापार देश की जीडीपी को बढ़ाने में अहम भूमिका अदा करते हैं. फिलहाल देश में 95 प्रतिशत इंडस्ट्रियल यूनिट्स में छोटे एवं मध्यम उद्योग शामिल हैं. चूंकि यह संख्या ज्यादा है इसलिए छोटे बिजनेस लोन की डिमांड ज्यादा है. लिहाजा फाइनेंस कंपनियां प्रक्रिया को आसान बना रही हैं ताकि छोटे बिजनेस के लिए तुरंत फंडिंग मिल सके.

सही बिजनेस लोन चुनने के लिए कुछ जरूरी टिप्स

तय करें किस प्रकार का लोन चाहिए: भारत में छोटे व्यापार के लिए विभिन्न तरह के लोन उपलब्ध हैं, जिसमें शामिल हैं:
– वर्किंग कैपटल लोन
– टर्म लोन
– बिजनेस लाइन ऑफ क्रेडिट
– मशीनरी लोन
– छोटे बिजनेस लोन

फायदे हासिल करने के लिए सबसे पहले आपको तय करना होगा कि आपको कौन सा लोन लेना है. अगर आपको नई मशीनें या उपकरण खरीदने हैं तो मशीनरी लोन लें और जब आपको तनख्वाह देनी हो या फिर मौजूदा बिजनेस का और विस्तार करना हो तो आप वर्किंग कैपिटल लोन ले सकते हैं. अपने विकल्पों को जानना सर्वश्रेष्ठ होता है. जब आपको ऑप्शन्स के बारे में मालूम होता है तो आप एक के बाद एक उनके बारे में रिसर्च करके सर्वश्रेष्ठ को चुन सकते हैं.

बिजनेस के लिए सही कर्जदाता ढूंढें

जब आप छोटे बिजनेस के लिए लोन अप्लाई करने की योजना बनाते हैं तो आपसे विभिन्न फायदों के साथ लोन देने वाले कई कर्जदाता टकराते हैं. अधिकतर कर्जदाता तुरंत लोन को मंजूर और उसका वितरण कर देते हैं. लेकिन कुछ सुविधाएं देने में वक्त लगाते हैं. लेकिन अगर आप अपने बिजनेस के लिए बेस्ट चाहते हैं तो आप किसी भी कर्जदाता पर आसानी से भरोसा नहीं कर सकते. सही विकल्प ढूंढने के लिए वक्त तो लगेगा. आपको विभिन्न फाइनेंस कंपनियों के बारे में रिसर्च करना होगा. उनकी वेबसाइट पर जाएं, उनके और अन्य पोर्टल्स पर ग्राहकों के रिव्यू पढ़ें.

फाइनेंस कंपनियों से लेकर एनबीएफसी और बैंकों तक आपको रिसर्च करते हुए सभी पर विचार करना होगा. इन सभी की ब्याज दरें, राशि की पेशकश और चुकाने की अवधि की तुलना करें. कर्जदाता के चुनाव के बाद लोन हासिल करने की ओर कदम बढ़ाएं.

दस्तावेज इकट्ठा करें

जब आप बिजनेस लोन के लिए अप्लाई करते हैं तो कर्जदाता आपसे बिजनेस कैश फ्लो के बारे में पूछेगा. यह सुनिश्चित करने के लिए कि आप पुनर्भुगतान कैसे करेंगे. भविष्य में एप्लिकेशन रिजेक्ट होने की संभावना से बचने के लिए सही जानकारी ही मुहैया कराएं. शानदार ग्रोथ और मुनाफे के आंकड़ों के साथ फुल प्रूफ बिजनेस प्लान अगर आपके पास होगा तो बिजनेस लोन अप्रूव होने के चांस काफी ज्यादा हो जाएंगे. अन्य अहम चीज यहां कर्जदाता का एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया और दस्तावेज की मांग है. ऐसे कर्जदाताओं का रुख करें, जिनकी दस्तावेजों की मांग और एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया कम हो. हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि सभी जरूरी दस्तावेजों को तुरंत जुटाना मुश्किल हो जाता है.

छोटे बिजनेस लोन के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है:
– पिछले साल की बिजनेस डिटेल्स.
– पिछले साल का आईटीआर
– सरकारी संस्थाओं की मंजूरी के दस्तावेज.
– पहचान के सबूत-पैन कार्ड, बिजनेस और घर का अड्रेस प्रूफ.
– इनकम प्रूफ- 9 महीने का बैंक स्टेटमेंट.
– कमर्शियल और हाउस प्रॉपर्टी दस्तावेज

बिजनेस की कामयाबी के लिए सही बिजनेस लोन का चुनाव बेहद अहम है. आज मार्केट में मौजूद विभिन्न लोन्स की समीक्षा के लिए आपके पास विभिन्न ऑनलाइन टूल्स हैं. स्मार्ट बनिए बिजनेस के लिए सही लोन का चुनाव कीजिए और सही फैसला करिए. सही फाइनेंशियल पार्टनर चुनने से आपका बिजनेस दिन दूनी और रात चौगुनी उन्नति करेगा.

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