45 साल की उम्र के बाद होम लोन अप्लाई करने के कुछ जरूरी टिप्स

Tips To Apply Home Loan After 45

होम लोन लेने व निश्चित अवधि में मूलधन और ब्याज चुकाने से ज्यादा जरूरी आपके लिए सपनों का घर खरीदना है. एक होम लोन किसी भी शख्स के जीवन का बेहद अहम फैसला होता है. यह बेहद तनावपूर्ण भी हो सकता है, अगर आवेदक सही तरीके से रिसर्च और अग्रीमेंट पर साइन करने से पहले उसे ध्यान से न पढ़े. मार्केट में आज ढेरों विकल्प मौजूद हैं इसलिए आकर्षक ब्याज दरों पर होम लोन लेना बेहद आसान हो गया है.

लेकिन क्या होगा अगर आप जीवन में काफी देरी से होम लोन लेने के बारे में सोचते हैं. यह जरूरी है क्योंकि आप बुढ़ापे की ओर जा रहे हैं और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के साथ दिक्कत यह हो जाती है कि वे कई तरह के प्रतिबंध लगा देती हैं. आमतौर पर, कर्जदाता आपकी वित्तीय स्थिति, मुख्य रूप से आपकी आय, लोन आवेदन को मंजूरी देने से पहले होम लोन चुकाने की आपकी क्षमता का मूल्यांकन करता है.

उदाहरण के तौर पर, अगर आप 20 से 30 वर्ष की आयु में चल रहे हैं तो आपको अधिकतम 30 साल तक के लिए होम लोन मिल जाएगा. कामकाजी जिंदगी में आप इस लोन को आसानी से चुका देंगे. लेकिन अगर आप 40 के बाद होम लोन लेते हैं तो लोन चुकाने की अवधि 15 से 20 साल होगी. या फिर आप रिटायरमेंट तक पहुंच चुके होंगे. नियमित आय के न होने से आपको लोन राशि की बकाया राशि चुकाने में मुश्किलें आ सकती हैं. कुछ हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां अपनी अवधि को 58 या 60 साल से ज्यादा भी बढ़ा देती हैं. ये आपकी चुकाने की क्षमता और क्रेडिट विश्वसनीयता पर निर्भर करता है.

अगर आप जीवन के 40 बसंत पार कर चुके हैं और होम लोन लेना चाह रहे हैं तो अपनी पत्नी, बेटा-बेटी या किसी सह-आवेदक के साथ ले सकते हैं. इससे प्रक्रिया कई मायनों में आसान हो जाएगी. उदाहरण के तौर पर, अगर आपकी पत्नी आपसे छोटी है और आप दोनों अच्छा कमा रहे हैं तो लोन मिलने के चांस और बेहतर हो जाएंगे. आपके रिटायर होने के बाद आपकी पत्नी लोन चुका सकती है. इतना ही नहीं, आपको काफी ज्यादा राशि का होम लोन भी मिल सकता है. शायद, एक दूसरा भी.

अगर आप जॉइंट होम लोन लेने की स्थिति में नहीं हैं तो रास्ता यही है कि आप अपनी ईएमआई कम करने के लिए ज्यादा डाउन पेमेंट दें. इससे ईएमआई कम हो जाएगी, जिसमें ब्याज (फ्लोटिंग या फिक्स्ड) भी शामिल है. इसके अलावा, आप कम अवधि में आसानी से बकाया लोन चुका सकेंगे. हालांकि यह होम लोन की अवधि पर निर्भर करेगा, जो 5 साल से लेकर 20-25 साल तक हो सकती है.

एक तीसरा विकल्प भी है. आप बकाया लोन अपने रिटायरमेंट पर ग्रैच्युटी, बोनस या विरासत में मिले पैसे से भी चुका सकते हैं. इससे आप पर वित्तीय बोझ कम हो जाएगा और आपकी लंबे समय की पूंजी को बरकरार रखेगा, जिसका आप रिटायरमेंट के बाद के वर्षों में इस्तेमाल कर सकते हैं.

बाजार में जितने भी लोन प्रोडक्ट्स उपलब्ध हैं, वे तब तक आपके हक में काम नहीं करेंगे, जब तक आप खुद रिसर्च न करें और होम लोन्स को न समझें. यह देखें कि आपके लिए क्या सही है और क्या नहीं. प्रोडक्ट के फीचर्स और फायदों जैसे एलिजिबिलिटी, अवधि, ब्याज दरें, पेमेंट फ्लेक्सिबिलिटी, छिपे हुए क्लॉज और पारदर्शिता पर खास ध्यान दें.

इन सबके पहले, वित्तीय संस्थान की साख, विश्वसनीयता के साथ-साथ उसकी प्रक्रिया के माध्यम से आपका मार्गदर्शन करने की क्षमता का आकलन करें. वह कंपनी कम से कम समय में लोन को मंजूरी दें और लोन की पूरी अवधि में शानदार ग्राहक सेवा मुहैया कराए.
यूं तो 20-30 साल की उम्र के दौरान ही होम लोन लेना आदर्श माना जाता है लेकिन 40 की उम्र के बाद होम लोन लेने के कुछ फायदे भी हैं.

उदाहरण के तौर पर, कोई शख्स जो नौकरी पर है. 15-20 साल से काम कर रहा है और शादी शुदा है. उसके बच्चे स्कूल या कॉलेज जा रहे हैं. ऐसे में उसे घर की जरूरत, मकसद, घर के प्रकार, कुल एरिया, लोकेशन के बारे में ज्यादा बेहतर पता होगा. इतने वर्षों तक काम करने के बाद उसने ठीक-ठाक पैसा बचा लिया होगा और वह शुरुआती डाउन पेमेंट और ईएमआई को बेहतर तरह से मैनेज कर पाएगा, वो भी अन्य चीजों से समझौता किए बिना. इसके अलावा, अगर बिजनेस या नौकरी स्थिर है और ग्राहक अच्छा पैसा कमा रहा है तो कर्जदाता होम लोन जल्द मंजूर कर लेगा.

अगर आप इन सिंपल लेकिन जरूरी स्टेप्स को फॉलो करेंगे तो 45 की उम्र में भी होम लोन के लिए अप्लाई करना ऐसा लगेगा जैसे आप 20 या 30 साल के दौर में होम लोन ले रहे हों. ड्रीम होम को पाने के लिए उम्र कोई बाधा नहीं है.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*