ज्यादा होम लोन ईएमआई चुकाने के 5 बड़े फायदे

होम लोन रीपेमेंट

समय पर ईएमआई चुकाने से आपकी विश्वसनीयता बढ़ती है. वक्त पर पेमेंट हो जाए, इसके लिए ज्यादातर ग्राहक आपकी सैलरी की तारीख के साथ ही ईएमआई कटने की डेट भी शेड्यूल कर देते हैं ताकि आपके अकाउंट्स में पर्याप्त फंड्स रहें. इससे पेमेंट में चूक के चांस कम हो जाते हैं. ईएमआई में चूक होने से आप पर कर्जदाता जुर्माना लगा सकता है. साथ ही इससे आपके क्रेडिट स्कोर पर भी नकारात्मक असर पड़ता है. खैर ये तो बात हुई ईएमआई और उसकी वक्त पर पेमेंट की. लेकिन क्या आप जानते कि अगर होम लोन ईएमआई की ज्यादा राशि का भुगतान किया जाए तो क्या फायदे मिलेंगे. आइए आपको बताते हैं.

ज्यादा ईएमआई के साथ होम लोन का पुनर्भुगतान

होम लोन के लिए जो राशि अकसर ली जाती है, वो ज्यादा होती है. कई मामलों में यह करोड़ों में चली जाती है. आमतौर पर होम लोन चुकाने के लिए कर्जदाता अधिकतम 30 साल तक का वक्त देते हैं. आप अपनी सहूलियत के हिसाब से लोन को वापस चुकाने की अवधि तय कर सकते हैं. आपकी अवधि ही ईएमआई तय करती है.

किसी अन्य लोन ही तरह होम लोन ईएमआई के भी दो हिस्से होते हैं- मूल धन (प्रिंसिपल अमाउंट) और ब्याज यानी इंट्रस्ट. शुरुआत में मूल धन की तुलना में ब्याज ज्यादा होता है. जबकि बाद की अवधि में मूल धन ज्यादा और ब्याज कम हो जाता है. इसका मतलब है कि जितनी ज्यादा आपकी ईएमआई होगी, उतनी ही कम आपका ब्याज होगा और जल्दी मूलधन की अदायगी होगी.

ज्यादा होम लोन ईएमआई चुकाने के फायदे

ब्याज पर बचत

लोन लोन की ईएमआई ज्यादा चुकाने के पीछे एक बड़ा फायदा ब्याज की बचत भी होता है. ईएमआई की राशि का आपके होम लोन की ब्याज लागत पर सीधा असर होता है.

संक्षिप्त में कहें तो जितनी ज्यादा ईएमआई होगी, उतनी ही जल्दी उसकी अदायगी होगी और उतनी ही कम कुल ब्याज लागत. आप ऑनलाइन होम लोन ईएमआई कैलकुलेटर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे आपको कुल लागत, कुल बचत और अनुमानित ईएमआई का सटीक आइडिया मिल जाएगा, जिसे आप अदा कर सकते हैं.

लोन की जल्द अदायगी

जब आप ज्यादा होम लोन ईएमआई चुकाते हैं तो लोन की अदायगी भी जल्दी हो जाती है. होम लोन को जल्द चुकाने से न सिर्फ आपकी टेंशन कम होती है बल्कि आपको वित्तीय तौर पर स्थिर बनने का विश्वास भी पैदा करती है. ज्यादा होम लोन चुकाने के लिए भले ही आपको अपने खर्चों में कटौती करनी पड़ सकती है लेकिन यह फायदेमंद है.

क्रेडिट स्कोर

यह आपके होम लोन ईएमआई के विस्तार का एक और फायदा है. आपकी क्रेडिट रेटिंग भी इस बात को लेकर सुधर जाती है कि आप तय अवधि से पहले ही लोन चुका देते हैं. यह आपको भविष्य में लोन पाने के लिए विश्वसनीय बनाता है. ज्यादा ईएमआई आपकी पैसों को लेकर क्षमता को दर्शाती है और कम अवधि में पूरा लोन चुकाने से आप कर्जदाताओं को अपनी शानदार संपत्ति की तरलता दिखाते हैं. बैंक इसे काफी गंभीरता से देखते हैं और एक मुश्किल काम मानते हैं. जबकि कर्जदाता आपको कोई अन्य लोन देने के लिए वित्तीय क्षमता देखते हैं.

टैक्स की बचत

होम लोन के पुनर्भुगतान पर टैक्स छूट एक ऐसी चीज है, जिसके लिए ज्यादातर ग्राहक परेशान रहते हैं. होम लोन में टैक्स छूट आयकर अधिनियम के सेक्शन 80 सी, सेक्शन 24 और सेक्शन 80ईईए के तहत हासिल किए जा सकते हैं. ये फायदे आपकी होम लोन ईएमआई पर अलग से प्रिंसिपल कंपोनेंट और इंट्रस्ट कंपोनेंट पर दिए जाते हैं. इंट्रस्ट कंपोनेंट पर कोई शख्स सेक्शन 24 के तहत 2 लाख रुपये की टैक्स छूट और सेक्शन 80सी के तहत प्रिंसिपल कंपोनेंट पर 1.5 लाख रुपये तक की छूट पा सकते हैं. कई मामलों में, ग्राहक ज्यादा फायदा इसलिए नहीं उठा पाते क्योंकि वे कम ईएमआई चुका रहे होते हैं. ज्यादा ईएमआई राशि के विकल्प को चुनने से आप ज्यादा टैक्स छूट हासिल कर पाएंगे.

पैसों का सही इस्तेमाल

आप अपनी होम लोन की ईएमआई तभी बढ़वा सकते हैं, जब आपके पास पर्याप्त फंड हों. अगर आपकी किसी अन्य स्रोत से ज्यादा कमाई हो रही है तो आप अपनी होम लोन ईएमआई की राशि को बढ़वा सकते हैं. ये आपको कई फायदे देगा, जो ऊपर बताए गए हैं. साथ ही आप सही जगह पर पैसा निवेश कर पाएंगे, जिससे आपको अच्छे रिटर्न्स भी मिलेंगे. मान लीजिए कि आपके पास फंड्स हैं और उसे शेयर में निवेश कर देते हैं या फिर ऐशो-आराम में तो इससे आपको वो फायदा नहीं मिलेगा, जो होम लोन को पूरा भुगतान करने पर मिलेगा.

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