किसी लोन के बुरे कर्ज में तब्दील होने के ये हैं अहम कारण

उधार लेना आम बात है लेकिन यह जानना बहुत जरूरी है कि अच्छे कर्ज और बुरे कर्ज में क्या फर्क है. कुछ चीजों के लिए कर्ज लेना सही है लेकिन कुछ आपके लिए वित्तीय परेशानियां खड़ी कर सकते हैं. इस आर्टिकल में हम आपको अच्छे कर्ज और बुरे कर्ज के बारे में बताएंगे.

क्या होता है अच्छा कर्ज?

आसान शब्दों में अच्छा कर्ज आपके भविष्य के लिए समझदारी भरा निवेश होता है या फिर वो जो आपके फाइनेंशियल स्टेटस को और मजबूत करता है, चाहे वह लंबी अवधि के लिए हो. अच्छा कर्ज कभी भी किसी की वित्तीय स्थिति पर बुरा असर नहीं डालता.

सामान्य तौर पर एक अच्छा कर्ज वह है, जिसके लिए हमारे पास पैसे उधार लेने का एक खास कारण हो, चाहे वह बैंक से हो या एनबीएफसी से, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. उदाहरण के तौर पर, घर या कार खरीदने के लिए लोन लेना अच्छे कर्ज में शामिल है. क्योंकि कुछ वर्ष तक ईएमआई चुकाने के बाद आप उस घर या कार के मालिक बन जाते हैं. इसलिए इन चीजों के लिए लोन लेना अच्छा है.

अच्छे कर्ज के उदाहरण:
– होम लोन
– कार लोन
– एजुकेशन लोन
– मॉर्गेज लोन
– बिजनेस लोन

क्या होता है बुरा कर्ज

बुरा कर्ज उस चीज के लिए लिया जाता है, जो उसके लायक नहीं होता. यह आपके सारे पैसे खत्म कर देता है. जिस लोन का कोई खास मकसद नहीं होता, इस आधार पर बुरे कर्ज को परिभाषित किया जा सकता है. इनके ब्याज दर इतने ज्यादा होते हैं, जिससे आपको ईएमआई भी ज्यादा चुकानी पड़ती है और इसे अफोर्ड करना मुश्किल हो जाता है.

बुरे कर्ज के उदाहरण:
– ऐसे कर्ज के लिए उधार लेना, जिसे आप अफोर्ड न कर सकें.
– शॉपिंग या शानदार पार्टी के लिए कर्ज लेना.
– महंगे गैजेट या उपकरण खरीदने के लिए कर्ज.

कैसे बचें बुरे कर्ज से

किसी कर्ज को बुरे कर्ज में तब्दील होने से बचाने के लिए आपको लोन अप्लाई करने से पहले इन बातों पर ध्यान देना चाहिए:

1. क्या यह कर्ज आपके लिए लेना वाकई जरूरी है? क्या लोन लेने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है?

2. क्या आपने अन्य कर्जदाताओं की ब्याज दरों से तुलना की है. अगर हां तो क्या वह आपके कर्जदाता के बराबर है या फिर अन्य कर्जदाताओं की तुलना में उसी लोन पर कम है.

3. क्या आप बिना किसी परेशानी के लोन की राशि वापस चुका सकते हैं.

4. क्या आप पूरी अवधि में ईएमआई अपना बजट बिगाड़े चुका सकते हैं.

अगर ऊपर पूछे गए सवालों में से किसी का भी जवाब ना है तो आपका कर्ज बुरा कर्ज है और आपको इससे बचना चाहिए.

लोन लेने से पहले उसे समझें और समीक्षा करें

सभी कर्ज बुरे कर्ज नहीं होते. कुछ कर्ज लेने लायक होते हैं और जो आपने चुकाया है अंत में आपको उसका रिटर्न मिलता है. जो लोन आप लेने पर विचार कर रहे हैं, वो जरूरी, मकसद, ब्याज और पुनर्भुगतान की शर्तों को पूरा नहीं करता है तो यह बैड लोन है. बुरे कर्ज का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है कि आपने 4 साल की अवधि के लिए एक फ्लैगशिप स्मार्टफोन लिया, जो लॉन्च के 2-3 साल बाद ही पुराना हो गया. इस लोन से कुछ हासिल नहीं हुआ, सिवाय पैसों की बर्बादी के.

वहीं मेडिकल जरूरत के लिए ज्यादा ब्याज दर वाले पर्सनल लोन लेना भी सही है क्योंकि पैसा किसी की जिंदगी से बढ़कर नहीं हो सकता. कोई भी अपने प्रियजनों के स्वास्थ्य से बढ़कर लोन के बोझ को बुरा नहीं मानेगा.

इक्विटी या मॉर्गेज लोन का इस्तेमाल करें: जब भी आपको पैसों की जरूरत पड़े तो हमेशा इक्विटी लोन्स जैसे होम इक्विटी लोन या फिर अन्य मॉर्गेज लोन्स से पैसे उधार लें. यह सलाह देने के पीछे कारण है कि अन्य लोन की तुलना में ब्याज दरें कम होती हैं और ईएमआई भी आपकी जेब ढीली नहीं करती. अन्य लोन्स की तुलना में इन ऋणों की अवधि भी ज्यादा होती है.

अगर आप बुरे कर्ज के मकड़जाल में फंस गए हैं तो क्या करें: अगर आप बुरे कर्ज के मकड़जाल में फंस गए हैं और लोन को वापस चुकाने में परेशानियां हो रही हैं तो कुछ ऐसे तरीके हैं जो आपको इन परेशानियों से बाहर निकाल सकते हैं.

रीफाइनेंस या फिर लोन चकबंदी के लिए जाएं:

अगर आपके कई लोन चल रहे हैं और ईएमआई चुकाने में परेशानी हो रही है तो आपको रीफाइनेंस का रास्ता चुनना चाहिए. रीफाइनेंस या लोन चकबंदी कुछ और नहीं बल्कि अन्य या उसी बैंक से पुराने लोन की बकाया राशि को चुकाने के लिए कम ब्याज पर नया लोन लेना है. इस तरीके से आप ज्यादा ब्याज पर लोन चुकाने से बच जाएंगे और नए लोन पर कम ईएमआई देनी होगी.

अपने कर्जदाता से बात करें

अगर आप किसी खास लोन की ईएमआई नहीं चुका पा रहे हैं क्योंकि आप उसे अफोर्ड नहीं कर सकते तो अपने कर्जदाता से बात कीजिए. आप कर्जदाता से ईएमआई कम करने और अवधि बढ़ाने को कह सकते हैं. अगर आप ऐसा कर पाए तो लोन आसानी से चुका सकते हैं. लेकिन इसमें आपको पैसे ज्यादा चुकाने पड़ेंगे. वो इसलिए क्योंकि अवधि बढ़ाने से ईएमआई तो घट जाएगी, लेकिन ब्याज अधिक देना होगा. लेकिन ईएमआई नहीं चुकाने और लगातार पेनाल्टी भरने से जो आपकी CIBIL रिपोर्ट खराब होगी और एक्शन लिया जाएगा, उससे अच्छा यही विकल्प है.

अपने कर्जदाता से सेटलमेंट के लिए कहें

जब आप कर्ज के भंवरजाल में फंसे हों और लोन न चुका पा रहे हों तो इसे सर्वश्रेष्ठ विकल्प माना जाता है. इसके लिए आपको अपने कर्जदाता से बात करनी होगी और उन्हें मूल और ब्याज सहित कुल बकाया राशि से कम, लेकिन मूल राशि से ज्यादा स्वीकार करने के लिए राजी करना होगा. अगर बैंक इसके लिए तैयार हो जाता है तो आप आराम से कर्ज चुकाकर बोझ से मुक्त हो सकते हैं.

बुरे कर्ज से क्या हो सकता है

पैसा बर्बाद हो जाएगा: बुरा कर्ज वह होता है, जिसकी ब्याज दर हमेशा ज्यादा होती है. लिहाजा आपको अपनी मासिक आय में से ईएमआई के तौर पर ज्यादा पैसे देने पड़ते हैं. यह धीरे-धीरे आपके पैसे बर्बाद कर देता है.

कानूनी पचड़े: अगर आप लोन वापस नहीं चुका पा रहे हैं तो यह बैड लोन है और इसका ब्याज मूल्य भी ज्यादा होता है तो उस मामले में कर्जदाता राशि की वसूली के लिए आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी कर सकता है.

गारंटी को जब्त करना: अगर आप तय अवधि में लोन वापस नहीं चुका सके तो जो चीज आपने बतौर गारंटी कर्जदाता के पास रखी है उसे जब्त कर लिया जाएगा और उसका मालिकाना हक कर्जदाता के पास चला जाएगा.

दिवालियापन: अगर आप कर्ज नहीं चुकाते तो दिवालियापन की स्थिति किसी के भी सामने आ सकती है. यह अंतिम चरण होता है. इस मामले में ग्राहक की प्रॉपर्टी और पैसों पर बैंक कब्जा कर लेगा. यह तब होगा, जब लोन के एवज में गारंटी नहीं दी जाएगी या फिर जो गारंटी दी गई है, वह लोन राशि के बराबर न हो.

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