असुरक्षित लोन- परिभाषा, योग्यता और प्रकार

असुरक्षित लोन वह लोन होता है, जिसकी मंजूरी के लिए कोई संपत्ति या चीज गिरवी रखनी नहीं पड़ती. असुरक्षित लोन ग्राहक की विश्वसनीयता पर दिए जाते हैं और इसे कई बार पर्सनल लोन भी कहा जाता है. ऐसे लोन छोटे और मध्यम व्यापारियों को बहुत पसंद आते हैं, जिनके पास पर्याप्त संपत्ति या कोई चीज गारंटी के तौर पर रखने के लिए नहीं होती. असुरक्षित बिजनेस लोन ग्राहक की आय और क्रेडिट हिस्ट्री पर निर्भर करती है न कि संपत्तियों पर. ऐसे लोन में अगर खरीददार पेमेंट देना बंद कर देता है तो कर्जदाता के पास उसकी संपत्तियों पर कब्जा करने का कोई हक नहीं है. असुरक्षित लोन्स को सिग्नेचर लोन्स भी कहा जाता है क्योंकि उन्हें लोन अग्रीमेंट पर आपके दस्तखत ही चाहिए होते हैं. ग्राहकों का वादा और दस्तखत ही कोलेटरल की तरह काम करते हैं. इसमें आप लोन के भुगतान का वादा करते हैं लेकिन किसी संपत्ति को गिरवी नहीं रखते.

असुरक्षित लोन के लिए क्या योग्यता होती है?

ऐसे लोन में ग्राहकों को केवल कर्ज के लिए योग्यता और नियमों को पूरा करना होता है. एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया कुछ इस तरह है.

1. असुरक्षित लोन के लिए अप्लाई करने के लिए ग्राहकों का क्रेडिट स्कोर काफी हाई होना चाहिए. क्रेडिट स्कोर ग्राहक का एक सांख्यिकी प्रतिनिधित्व होता है, जो ग्राहक की लोन वापस करने की क्षमता और विश्वसनीयता को दर्शाता है.

2. दूसरी शर्त है कि बिजनेस को दो साल का वक्त हो चुका हो और पिछले साल की बिक्री कम से कम 5 लाख हो. इसके साथ-साथ पिछले साल का इनकम टैक्स रिटर्न कम से कम 1.5 लाख रुपये हो.

3. इसके अलावा, आपको एक घर या बिजनेस परिसर जरूर हो ताकि आप एनबीएफसी में असुरक्षित बिजनेस लोन के लिए अप्लाई कर सकें.

कितने प्रकार के होते हैं असुरक्षित बिजनेस लोन?

असुरक्षित लोन मुख्यत: 3 तरह के होते हैं. ग्राहक इनमें से अपनी जरूरत के हिसाब से चुन सकते हैं.

टर्म लोन: टर्म लोन एक तरह का असुरक्षित लोन है, जिसे ग्राहक समान किश्तों में अवधि खत्म होने तक चुकाते हैं.

मशीनरी लोन: तकनीक में परिवर्तन यानी बदलाव लाना बेहद जरूरी है. अच्छी क्वॉलिटी का समान बनाने के लिए बिजनेस में मशीनों को अपग्रेड करते रहना चाहिए. इसके लिए बड़ा निवेश चाहिए और व्यापारी मशीनरी लोन ले सकते हैं, जो एक तरह का असुरक्षित लोन है.

वर्किंग कैपिटल लोन:  रोजमर्रा के खर्चों की पूर्ति के लिए कंपनियां वर्किंग कैपिटल लोन लेती हैं. इससे नियमित तौर पर बिजनेस में पैसा आता रहता है और रोजमर्रा के खर्चे भी पूरे होते रहते हैं.

असुरक्षित बिजनेस लोन कैसे काम करते हैं?

असुरक्षित छोटे व्यापार ऋण उन छोटे एवं मध्यम व्यापारियों के लिए मुफीद हैं, जिनकी क्रेडिट स्कोर हिस्ट्री शानदार है. और वे किसी तरह की चीज बतौर गारंटी रखना नहीं चाहते. यह सुरक्षित बिजनेस लोन्स से एक दम अलग है. उसमें आपको कोई संपत्ति बतौर गारंटी कर्जदाता के पास रखनी पड़ती है. यह बताना जरूरी है कि असुरक्षित लोन कर्जदारों के लिए रिस्की हैं क्योंकि गारंटी के नाम पर उनके पास सिर्फ ग्राहक के दस्तखत, विश्वास और वादा है.

अगर ग्राहक असुरक्षित बिजनेस लोन के लिए क्वॉलिफाई नहीं कर पाया तो…?

उसे एक सह-दस्तखतकर्ता की जरूरत होगी: कुछ मामलों में ग्राहक की विश्वसनीयता संतोषजनक नहीं होती. ऐसे में कर्जदाता कर्ज लेने वाले से एक सह-दस्तखतकर्ता लाने को कहते हैं, जो यह गारंटी देता है कि अगर कर्ज लेने वाल ऋण नहीं चुका पाया तो वह उसकी जगह चुकाएगा. इसलिए किसी ऐसे शख्स को अपना सह-दस्तखतकर्ता बनाएं जो काबिल हो.

उसे कम कर्ज लेना चाहिए:  अगर आपकी आय और कर्ज के अनुपात में अंतर है तो आपको छोटा लोन उठाना चाहिए. क्योंकि छोटे लोन की ईएमआई भी कम होगी. इसलिए छोटी राशि का लोन लें और निश्चित अवधि में उसे जल्दी चुका दें.

असुरक्षित बिजनेस लोन के लिए जरूरी दस्तावेज:

अगर आप असुरक्षित बिजनेस लोन लेने के बारे में सोच रहे हैं तो आपको कुछ दस्तावेज भी जमा कराने होंगे. ये दस्तावेज हैं:

– बिजनेस या घर का अड्रेस प्रूफ
– पैन कार्ड
– कर्जदाता को विश्वसनीयता दिखाने के लिए पिछले 9 महीनों का बैंक स्टेटमेंट
– पिछले दो वर्षों का इनकम टैक्स रिटर्न प्रूफ

ट्रांसयूनियन की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी कंपनियों ने 2018 में 38 प्रतिशत असुरक्षित बिजनेस लोन लिया. जबकि साल 2013 में यह सिर्फ 5 प्रतिशत ही था. आंकड़े बताते हैं कि असुरक्षित बिजनेस लोन की मांग बाजार में तेजी से बढ़ रही है.

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