क्यों इतने मशहूर हैं इंस्टेंट पर्सनल लोन, जानिए इनकी खासियतें

आज के प्रतिस्पर्धा भरे जमाने में लोन आम लोगों के जीवन का अहम हिस्सा बन गया है. पैसों की तंगी, एजुकेशन, शादी, हॉस्पिटल के खर्चे, ट्रैवल एंव टूरिज्म, घर सजाने, नई रिहायशी या कमर्शियल प्रॉपर्टी खरीदने, घर व किचन के अप्लाइंसेस, कार-बाइक से लेकर मोबाइल, डेस्कटॉप और अन्य चीजें खरीदने के लिए लोग लोन लेते हैं. विभिन्न बैंक और नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों, फाइनेंशियल इंस्टिट्यूट्स और अन्य संस्थान लोन मुहैया कराते हैं. इंस्टेंट लोन एक सुविधाजनक तरीका है क्योंकि नाम से ही मालूम चल रहा है कि यह ग्राहक को तुरंत मिल जाता है.

इंस्टेंट लोन ग्राहकों के बीच काफी मशहूर हैं क्योंकि ग्राहक को ये बेहद जल्दी मिल जाते हैं. इसे लेना आसान भी होता है. इंस्टेंट लोन्स के कई खास फीचर्स और फायदे होते हैं. इमरजेंसी के दौरान ये किसी वरदान से कम नहीं होते. आप लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं और जैसे ही यह मंजूर होगा, आपके अकाउंट में जल्द से जल्द राशि आ जाएगी. कई मामलों में तो ग्राहकों को पैसे 72 घंटों में ही मिल जाते हैं. ब्याज दर भी मामूली होती है, जिसे लोग आसानी से अफोर्ड कर सकते हैं. ब्याज दर ग्राहकों की एलिजिबिलिटी के मुताबिक अलग-अलग होती है. यह करीब 16 से 24 प्रतिशत के बीच होती है.

क्रेडिट लिमिट के आधार पर इंस्टेंट लोन ग्राहकों के लिए अधिकतर समय प्री-अप्रूव होते हैं. इंस्टेंट लोन डेबिट कार्ड/क्रेडिट कार्ड या फिर लोन अकाउंट पर भी उपलब्ध हो सकता है. इंस्टेंट लोन अप्लाई करने से पहले कोई भी शख्स ऑनलाइन ही अपना एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया चेक कर सकता है. अगर कोई शख्स योग्यता के पैमाने पर खरा उतरता है और उसका CIBIL स्कोर भी अच्छा है तो लोन अप्रूव होने के चांस ज्यादा होते हैं. इसी दौरान, अगर कोई व्यक्ति योग्यता के पैमाने पर खरा नहीं उतरता है तो उसका लोन मंजूर नहीं होता. इसके अलावा कर्जदाताओं की वेबसाइट्स पर ईएमआई कैलकुलेटर होते हैं. ईएमआई कैलकुलेटर की मदद से कोई भी ग्राहक रीपेमेंट शेड्यूल प्लान कर सकता है. इस तरह ग्राहक ब्याज की निश्चित दर के साथ उस राशि का लोन हासिल करने की योजना बना सकता है, जो उसके मासिक बजट में रुकावट नहीं बनता और उसका भुगतान आसान तरीके से किया जा सकता है.

लोन लेने से पहले ग्राहक को मार्केट में उपलब्ध सभी विकल्प खोज लेने चाहिए. यह जरूरी है कि ग्राहक लागत और फायदे का विश्लेषण कर ले ताकि वह बाजार में उपलब्ध बेस्ट डील को चुन सके. इंस्टेंट लोन की एक अलग खासियत है और यह संभावना भी होती है कि कोई शख्स लोन के स्रोत को चुनने के मामले में जल्दबाजी में फैसले लेता है. लेकिन जब बात रीपेमेंट की आती है तो लंबी अवधि में यह जोखिम भरा और खतरनाक होता है. इसलिए यह सलाह दी जाती है कि हर शख्स को इंस्टेंट लोन अप्लाई करने से पहले अच्छी तरह समीक्षा कर लेनी चाहिए. अगर सावधानी से समीक्षा करेंगे तो पैसे बचाने के साथ-साथ किफायती डील भी पा सकते हैं.

खुद के रोजगार और नौकरीपेशा दोनों तरह के लोगों के लिए इंस्टेंट लोन एक मददगार विकल्प है. अपनी जरूरत का मूल्यांकन करें और फिर लोन के लिए अप्लाई करें. इंस्टेंट लोन अप्लाई करने से पहले कुछ दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी जैसे पहचान पत्र, (पैन कार्ड, वोटर आईडी, आधार इत्यादि) घर का पता (पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, मोबाइल बिल इत्यादि), उम्र प्रमाण (बर्थ सर्टिफिकेट, वोटर आईडी इत्यादि), अगर नौकरी कर रहे हैं तो 3 महीने की सैलरी स्लिप, एम्प्लॉयमेंट लेटर, बैंक स्टेटमेंट्स, एंटरप्रेन्योर्स के लिए बिजनेस फाइनेंशियल स्टेंटमेंट. किसी शख्स के एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया के आधार पर ब्याज दर, लोन की अवधि और लोन की राशि निर्भर करती है. कोई शख्स ऑनलाइन भी लोन प्रोसेस कर सकता है, लिहाजा फिजिकल डॉक्युमेंटेशन की भी जरूरत नहीं है.

पूरे भारत में कोई शख्स इंस्टेंट लोन की सुविधा का लाभ उठा सकता है क्योंकि कर्ज देने वाले कई संस्थान हैं. कर्जदाता की वेबसाइट पर जाकर जो भी स्टेप्स हैं, उन्हें ग्राहक को फॉलो करना होगा. ग्राहक को बुनियादी जानकारियां जैसे नाम, मोबाइल नंबर, सैलरी और आय की जानकारियां इत्यादि देनी होगी. साथ ही इनकम प्रूफ, बैंक स्टेटमेंट, फाइनेंशियल के दस्तावेजों को भी ऑनलाइन अपलोड करना होगा. ऐसा करने के बाद इसे वेरिफिकेशन के लिए भेजा जाएगा. कर्जदाता आपकी डिटेल्स को वेरिफाई करेगा और इसे अप्रूवल के लिए भेजेगा. जब लोन अप्रूव हो जाएगा तो ग्राहक और कर्जदाता के बीच लोन अग्रीमेंट साइन होगा. इसके बाद, लोन वितरण की प्रक्रिया शुरू होगी और ग्राहक के अकाउंट में पैसा पहुंचा दिया जाएगा.

जो लोग लोन लेते हैं, उन्हें कर्जदाता लगातार सपोर्ट देते हैं. वे हर चरण के दौरान शख्स को प्रक्रिया समझने में मदद करते हैं. अगर जरूरत पड़े तो ग्राहक ज्यादा जानकारी के लिए नजदीकी ब्रांच में भी जा सकता है. साथ ही बैंक, एनबीएफसी, वित्तीय संस्थान इत्यादि जैसे कर्जदाताओं की 27*7 कस्टमर केयर सुविधा उपलब्ध होती है.

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