कोरोना महामारी के बीच मदद के लिए किन जगहों पर जा सकते हैं छोटे कारोबारी, जानिए

कोरोना वायरस महामारी के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था को तगड़ा झटका लगा है. इससे देश के छोटे उद्योगों पर सबसे ज्यादा मार पड़ी है. बड़ी कंपनियों के पास नुकसान से बचने के लिए पर्याप्त राजस्व, आकस्मिकता निधि और अहम कंज्यूमर बेस है. लेकिन खुद को बचाए रखने के लिए छोटे उद्योगों के पास पर्याप्त राशि नहीं है. लिहाजा जब तक यह आपदा खत्म होगी, इनमें से अधिकतर बंद होने की स्थिति में होंगे. लेकिन छोटे उद्योगों के मालिक अब भी खुद को बर्बाद होने से बचा सकते हैं.

आइए एक उदाहरण से समझते हैं. आपके पड़ोस में एक सैलून है. जब तक कोरोना वायरस का प्रकोप नहीं आया था, उसका बिजनेस फल-फूल रहा था. सभी कर्मचारी साथ काम करते थे और ग्राहक उनकी सर्विस से खुश भी थे. बिजनेस का मालिक व्यापार को बढ़ाने ही वाला था कि बाजार पर कोरोना वायरस ने पैर पसार लिए. डर के मारे अचानक ग्राहकों ने स्टोर पर जाना बंद कर दिया.

पहले तो राजस्व से कुछ निकालकर व्यवसाय बच गया. लेकिन बाद में वह भी खत्म हो गया और बिल आते रहे. बिजनेस मालिक को बिजली और अन्य बिल चुकाने की जरूरत नहीं रह गई. लेकिन फिर भी एक बड़ी राशि जो उसे चुकानी होगी वो है- दुकान का किराया. इसके साथ ही बिजनेस के मालिक को एक और चुनौती से गुजरना होता है, वो है कर्मचारियों को सैलरी देना.

अंत में, बिजनेस मालिक के पास बहुत कम कैश बचा है. ऑपरेटिंग मार्जिन काफी कम है और सेविंग्स पहले ही खर्च हो चुकी हैं. अब आगे क्या करें? पहले जो बिजनेस फल-फूल रहा था, वो अब संघर्ष कर रहा है. इससे आने वाले कुछ समय में बिजनेस बंद होने की स्थिति पैदा हो सकती है.  खैर, यह उदाहरण तो काल्पनिक है. लेकिन मार्केट में ऐसे कई बिजनेस हैं तो इस वायरस के बाद बंद हो सकते हैं.

लेकिन आपको चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है. कोविड-19 की स्थिति से बचने के लिए आप कुछ रणनीतियों पर काम करके अपना बिजनेस बचा सकते हैं. आइए आपको कुछ पॉइंट्स बताते हैं, जो आपके छोटे बिजनेस में मदद करेंगे.

अपने सप्लायर्स पर फिर नजर डालें

आपका सबसे बड़ा मकसद अपने बिजनेस के लिए कैश बचाकर रखना है, जो कई तरीकों से किया जा सकता है. इसलिए आप अपने सप्लायर्स और वेंडर से मदद मांग सकते हैं. चूंकि सप्लायर्स और वेंडर्स आपके साथ बिजनेस करते रहे हैं, वे आपको मार्केट में फिर जरूर देखना चाहेंगे. इसलिए औरों के साथ टाइ-अप करें. इससे आने वाले समय में भी आपकी मदद होगी.

हर चीज सोच-समझकर करें: फिलहाल क्या हो रहा है, आपको इस पर फोकस करना है. बदली स्थितियों पर आपको नजर बनाए रखनी है. लेकिन आपको वक्त देकर यह भी सोचना है कि जब सब कुछ सामान्य हो जाएगा तो आप अपने बिजनेस को दोबारा कैसे खड़ा करेंगे. आपको समय देकर यह भी सोचना होगा कि आप आने वाले अवसरों का लाभ कैसे उठा सकते हैं. आप फाइनेंशियल प्रोफेशनल्स से मदद ले सकते हैं, जो आपके बिजनेस को फिर से खड़ा होने की लागत निर्धारित करने और उसी के लिए एक योजना तैयार करने में मदद कर सकते हैं.

बैंक से छोटा बिजनेस लोन लें

बैंक भारत में कारोबार करने वाले व्यापार मालिकों को एक अलग तरह का छोटा व्यवसाय मुहैया कराते हैं. अगर आपको बिजनेस में ज्यादा पैसों की जरूरत है तो आप बैंक से लोन भी ले सकते हैं. लोन उतना ही लें, जितने की जरूरत हो. लेकिन हमारी सलाह है कि आप अपनी सारी जरूरतों को देख लें, उसके बाद ही बिजनेस लोन के लिए अप्लाई करें. चूंकि यह एक तरह की राशि ही है और आपको बाद में उसे चुकाना पड़ेगा, तो उतनी ही राशि लें, जो लौटा सकें. आप जरूरत के हिसाब से शॉर्ट टर्म या लॉन्ग टर्म बिजनेस लोन ले सकते हैं. इस लोन की अवधि 12 महीने से 10-15 साल हो सकती है.

जिन पर भरोसा हो, उन लोगों को कॉन्टैक्ट करें: हमारी सलाह है कि उन लोगों से बात करें, जिनके साथ आप नियमित तौर पर काम करते हैं, जैसे बैंक, वेंडर्स इत्यादि. आप रिसोर्स और एडवाइस के लिए स्थानीय संस्थाओं और अलायंस पर नजर डाल सकते हैं. इस वक्त में नेटवर्किंग काफी फायदेमंद साबित हो सकती है. यह आपको स्थिति से निपटने में मदद कर सकती है.

आपको अपने कर्मचारियों के साथ भी अच्छी तरह से पेश आने की जरूरत है. आशावान बनें कि सब चीज ठीक हो जाएगी और आप फिर से अपना छोटा कारोबार खोल पाएंगे. इसके अलावा अपने कर्मचारियों को भी आशावादी बनाए रखें कि वे बिजनेस में जल्द लौटेंगे और उनकी नौकरी नहीं जाएगी. वापस आने के बाद वे आपके लिए और भी मेहनत के साथ बिजनेस को फिर से खड़ा करने में मदद करेंगे.

एनबीएफसी से बिजनेस लोन

NBFC ऑनलाइन भी बिजनेस लोन मुहैया कराते हैं. पूरी एप्लिकेशन प्रोसेस ऑनलाइन है. लिहाजा इलाके में लॉकडाउन और कर्फ्यू के चलते आपको उनके ऑफिस भी नहीं जाना पड़ेगा. ऑनलाइन ही आप बिजनेस लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं. कर्जदाता की वेबसाइट पर जाकर आप दस्तावेजों की फोटो खींचकर अपलोड कर सकते हैं. कर्जदाता की ओर से वेरिफिकेशन भी ऑनलाइन ही होगी. अगर सब ठीक रहा तो आपकी एप्लिकेशन मंजूर हो जाएगी और आपको डिजिटली ही कॉन्ट्रैक्ट साइन करना होगा. ध्यान दें कि लोन एप्लिकेशन प्रोसेस में 3 दिन से ज्यादा समय नहीं लगता.

एनबीएफसी बिजनेस लोन का एक फायदा यह भी है कि ये असुरक्षित लोन है. इसे लेने के लिए आपको कोई चीज भी गिरवी नहीं रखनी होती. आपदा के वक्त में भी बिजनेस लोन लेते हुए आपको कोई संपत्ति बतौर गारंटी नहीं रखनी. इस तरह आप सभी तरह की परेशानियों से बच सकते हैं.

स्थिति फिलहाल हर जगह खराब है और गर्मियां आने तक यह खींच सकता है. इसलिए जो भी आप चला रहे हैं, चाहे वह रेस्टोरेंट हो, दुकान हो या कोई छोटा कारोबार, आपको हिम्मत नहीं खोनी है. यह मुश्किल वक्त भी गुजर जाएगा. आपको आशा नहीं खोनी है, फोकस रहना है और छोटे-छोटे फैसले लेने हैं ताकि आपके बिजनेस पर अभी और भविष्य में असर न पड़े.

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