क्यों असुरक्षित व्यापार लोन सुरक्षित लोन से बेहतर है?

जब भी बिजनेसमैन व्यापार के लिए लोन लेने के बारे में सोचता है तो वह सुरक्षित और असुरक्षित बिजनेस लोन के बीच कन्फ्यूज रहता है. लेकिन दोनों के बीच में फर्क जानने के बाद ही कोई फैसला लिया जा सकता है. आज हम आपको यही बताएंगे कि क्यों बिना सिक्योरिटी वाला बिजनेस लोन सिक्योरिटी वाले बिजनेस लोन से बेहतर है.

जब भी कोई शख्स बिजनेस शुरू करने के बारे में सोचता है तो उसे संसाधन और पूंजी की जरूरत पड़ती है. पूंजी जुटाने का सबसे बेहतर तरीका सेविंग्स है. या फिर परिवार वालों या दोस्तों से भी पैसे लिए जा सकते हैं. हालांकि बिजनेस में पैसों की जरूरत वक्त-वक्त पर पड़ती रहती है. किसी भी शख्स को पैसे बिजनेस का विस्तार करने, इन्वेंट्री खरीदने, कैश फ्लो और अन्य कारणों के लिए चाहिए होते हैं. ऐसी स्थिति में व्यापारी बिजनेस लोन लेने के बारे में सोचते हैं.

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अब सवाल उठता है कि कौन सा बिजनेस लोन लें? दो तरह के बिजनेस लोन होते हैं- पहला सुरक्षित लोन और दूसरा असुरक्षित लोन. दोनों तरह के लोन की अपनी अलग खासियतें और जरूरतें होती हैं. दोनों बिल्कुल अलग हैं और इनमें श्रेष्ठ चुनना बेहद अहम हो जाता है.

कोलेटरल: सुरक्षित ऋण में कोलेटरल यानी कोई संपत्ति बिजनेस लोन राशि को सपोर्ट करती है. जब उधारकर्ता लोन की राशि चुकाने नहीं पाता तो गारंटी के तौर पर रखी गई संपत्ति को बेचकर पैसा वापस लौटाया जाता है. वहीं जब असुरक्षित लोन होता है तो किसी तरह की संपत्ति को गिरवी नहीं रखना पड़ता. लिहाजा जो बिजनेस मालिक गारंटी मुहैया नहीं करा पाते वे फॉर्मल क्रेडिट का रुख कर सकते हैं.

रिस्क: सुरक्षित लोन में रिस्क ज्यादा होता है क्योंकि अगर ग्राहक लोन नहीं चुका पाया तो सिक्योरिटी से भी हाथ धो बैठेगा. वहीं कोलेटरल फ्री बिजनेस लोन में ऐसा कोई रिस्क नहीं होता.

अवधि: सुरक्षित लोन की प्रोसेसिंग में ज्यादा वक्त लगता है. कर्जदाता पहले बतौर सिक्योरिटी रखी जाने वाली चीज की वैल्यू को मापता है. लेकिन असुरक्षित लोन में ऐसी कोई जरूरत नहीं होती. लोन की राशि ग्राहक की विश्वसनीयता पर निर्भर करती है.

एप्लिकेशन प्रोसेस: दोनों लोन्स के बीच में एक बड़ा फर्क ये भी है कि सुरक्षित लोन बैंक मुहैया कराते हैं जबकि असुरक्षित लोन एनबीएफसी. बैंक में छोटा बिजनेस लोन अप्लाई करते वक्त ग्राहक को दस्तावेज जमा कराने के लिए बैंक जाना पड़ता है. लेकिन ज्यादातर एनबीएफसी ऑनलाइन बिजनेस प्रोसेस ऑफर करते हैं, जहां ग्राहक को कर्जदाता के दफ्तर के चक्कर नहीं काटने पड़ते.

ऊपर बताए गए पॉइंट्स से ये तो साफ हो जाता है कि सुरक्षित और असुरक्षित लोन में क्या फर्क है. लेकिन जब आप बिजनेस लोन लेते हैं तो कुछ बातों का ध्यान रखना पड़ता है, जिसमें लोन एलिजिबिलिटी, दस्तावेजों की जरूरत और पुनर्भुगतान की अवधि शामिल होती हैं.

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