भारत में कैसे हासिल करें फ्लेक्सी बिजनेस लोन

बिजनेस चलाने के लिए पूंजी का होना बहुत जरूरी है. जब व्यापारी के पास पूंजी खत्म हो जाती है तो वह फ्लेक्सी लोन लेता है. पूंजी की कमी बिजनेस में कई कारणों से होती है जैसे क्लाइंट से समय से पैसे न मिलने के कारण इन्वेंट्री न खरीद पाना. ऐसी स्थिति में व्यापारी बिजनेस लोन के लिए अप्लाई कर सकता है.

फ्लेक्सी बिजनेस लोन नए जमाने का बिजनेस लोन है, जहां आवेदक को एक क्रेडिट लिमिट दी जाती है, जिसे वह जरूरत के समय इस्तेमाल कर सकता है. इस तरह के लोन के जरिए व्यापारी पूंजी की कमी के दौरान अपनी बिजनेस की जरूरतें, बिजनेस विस्तार, मशीन खरीद और अन्य को पूरी कर सकता है.

व्यापारी क्रेडिट लिमिट से जितना चाहे फंड ले सकता है, वो भी जब उसे जरूरत हो. ब्याज भी सिर्फ उतनी ही राशि पर ही लगेगा, जितना पैसा लिया गया है, पूरी लिमिट पर नहीं. इसके अलावा बिजनेसमैन की सहूलियत को देखते हुए आंशिक भुगतान की सुविधा भी है. इस पर कोई पेनाल्टी भी नहीं लगेगी.

फ्लेक्सी लोन के फायदे

बिजनेसमैन को फ्लेक्सी लोन में इस तरह के फायदे मिलते हैं:

– उसे सिर्फ एक बार ही लोन अप्लाई करने की जरूरत पड़ती है, बार-बार नहीं.
– उसे ब्याज को बतौर ईएमआई चुकाने का विकल्प मिलता है.
– जो राशि ली गई है, उसके आंशिक भुगतान पर कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगता.
– जितनी बार जरूरत पड़े, बिजनेसमैन उतनी बार फंड  निकाल सकता है.
– पैसा ऑनलाइन भी निकाला जा सकता है.

फ्लेक्सी लोन को ऐसे समझें

लोन अमाउंट: फ्लेक्सी बिजनेस लोन फ्लेक्सी क्रेडिट लाइन के साथ आते हैं. यह क्रेडिट लाइन क्रेडिट स्कोर के अनुपातिक है. इसका मतलब है जितना ज्यादा क्रेडिट स्कोर होगा, उतनी ही ज्यादा लिमिट होगी. जब भी बिजनेसमैन को जरूरत पड़े वह फंड अकाउंट से निकाल सकता है. वो भी जितनी चाहे, उतनी बार.

ब्याज दर: पूरी क्रेडिट लिमिट पर ब्याज नहीं लगता. कर्जदाता सिर्फ उतनी ही राशि पर ब्याज लगाता है, जितना व्यापारी ने निकाला है. लिहाजा, बिजनेसमैन की फंड्स तक पहुंच आसान होती है, लेकिन उसे सिर्फ उतने ही हिस्से पर ब्याज देना पड़ता है, जितनी राशि उसने इस्तेमाल की है.

रीपेमेंट: फ्लेक्सी लोन के भुगतान के लिए आपको लचीली चुकौती अवधि मिलती है. ग्राहक लचीली चुकौती अवधि के तहत ऋण चुका सकता है. आमतौर पर अवधि का विकल्प 12 महीने, 18 महीने और 24 महीने का होता है. वह अपनी चुकौती क्षमता के मुताबिक एक विकल्प चुन सकता है.

लोन अदायगी: आमतौर पर एनबीएफसी से लोन लेने में एक हफ्ते से भी कम का समय लगता है. लेकिन बैंकों की बात करें तो वहां एक हफ्ते से ज्यादा का वक्त लगता है. इसके अलावा काफी सारा पेपरवर्क भी शामिल होता है. अगर एनबीएफसी से बिजनेस लोन अप्लाई किया है तो वे ऑनलाइन एप्लिकेशन की सुविधा भी देते हैं. बिजनेसमैन ऑनलाइन के जरिए भी लोन अप्लाई कर सकते हैं. वे दस्तावेजों की सॉफ्ट कॉपी ऑनलाइन जमा करें और एप्लिकेशन प्रोसेस होकर एक हफ्ते के भीतर लोन की राशि आपके अकाउंट में आ जाएगी.

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